भारत को हालांकि वाय एस राजशेखर रेड्डी एसीए वीडीसीए स्टेडियम पर अपने गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कोहली को पता है कि गेंदबाजी पिछले मैच में कमजोर कड़ी रही थी।
डेथ ओवरों के विशेषज्ञ जसप्रीत बुमराह और भरोसेमंद भुवनेश्वर कुमार की गैर मौजूदगी में भारतीय गेंदबाज बारसापारा स्टेडियम पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके थे।
रवींद्र जडेजा भी लय में नहीं थे जिससे कैरेबियाई बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर बना डाला।
मोहम्मद शमी ने 10 ओवरों में 81 रन दिए। इसके बावजूद विकल्प नहीं होने के कारण कोहली को उन्हें ही उतारना होगा।
दूसरे टेस्ट में दस विकेट लेने वाले उमेश यादव भी उस फॉर्म को दोहरा नहीं सके और महंगे साबित हुए।
विश्व कप में अब एक साल से भी कम रह गया है लिहाजा टीम प्रबंधन तेज गेंदबाजों का पूल तैयार करना चाहता होगा। ऐसे में उमेश को और मौके दिए जा सकते हैं ।
पहले मैच में बाहर रहे चाइनामैन कुलदीप यादव को खलील अहमद की जगह उतारा जा सकता है।
वेस्टइंडीज की टीम शिमरोन हेटमेयर से पिछले प्रदर्शन के दोहराव की उम्मीद कर रही होगी जिसने 78 गेंद में 106 रन बनाए। मर्लोन सैमुअल्स भी टीम का हिस्सा हैं लेकिन पहले मैच में जल्दी आउट हो गए थे।
एशिया कप में शानदार फार्म में रहे शिखर धवन ने यहां दिसंबर 2017 में श्रीलंका के खिलाफ शतक बनाया था।
कैरेबियाई टीम में तेज गेंदबाज केमार रोच की वापसी हुई है जो परिवार में निधन के कारण टेस्ट श्रृंखला नहीं खेल सके थे।
भारतीय कप्तान विराट कोहली अगर 81 रन बना लेते हैं तो सचिन तेंदुलकर को पछाड़कर इस प्रारूप में सबसे तेज 10000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।
इस रिकार्ड की संभावना ने दर्शकों में इस मैच को लेकर अतिरिक्त उत्साह भर दिया है। तेंदुलकर ने 259 पारियों में वह आंकड़ा छुआ था जबकि कोहली 204 पारियां खेल चुके हैं।