बेशक बुमराह के आने से भारतीय टीम का तेज आक्रमण दमदार होगा, लेकिन मोहम्मद शमी को सीरीज में आराम दिया गया है। भुवनेश्वर कुमार और दीपक चाहर चोट के कारण बाहर हैं। ऐसे में बुमराह के साथ दिल्ली के युवा तेज गेंदबाज नवदीप सैनी और शार्दुल ठाकुर पर दारोमदार होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि डेथ ओवरों में बुमराह के साथ दबाव का सामना किस तरह करते हैं।
शिवम दुबे निश्चित रूप से बड़े शॉट लगाते हैं, लेकिन यह देखना होगा कि उनकी ‘सीम अप’ वाली गेंद सपाट पिच कैसा प्रदर्शन करती है। टीम इंडिया का थिंक टैंक अपने तेज गेंदबाजों पर पड़ने वाले कार्यभार को लेकर बहुत सतर्क है।
बुमराह को हाल ही में गुजरात के खिलाफ प्रथम श्रेणी मैच न खेलने की बीसीसीआई की ओर से छूट दी गई। वाशिंगटन सुंदर भी ऐसा प्रदर्शन करना चाहेंगे कि यह सुनिश्चित हो जाए कि किसी भी समय कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल में से अंतिम एकादश में किसी एक का ही चयन हो।
हिटमैन रोहित शर्मा इस सीरीज में नहीं खेल रहे हैं, लेकिन दूसरे ओपनर का सवाल अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। घुटने की चोट के बाद वापसी कर रहे शिखर धवन के लिए यह सीरीज महत्वपूर्ण है जो रोहित की अनुपस्थिति में प्रभावित करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि दूसरे छोर पर लोकेश राहुल भी शानदार फॉर्म में चल रहे हैं।
प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी में दिल्ली के बाएं हाथ के खिलाड़ी ने रणजी ट्रॉफी मैच में हैदराबाद के खिलाफ 140 रन बनाए। उन्होंने 2019 में टी-20 मैचों की 12 पारियों में 272 रन बनाए हैं। दूसरी ओर जब धवन चोटिल थे तो लोकेश राहुल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ क्रमश: 62, 11, 91, 06, 102 और 77 रन की पारियां खेली हैं। बावजूद इसके धवन के दावे को आप टी-20 विश्व कप के लिए खारिज नहीं कर सकते। दो साल पहले टी-20 में उन्होंने 17 पारियों में 689 रन बनाए थे। आईपीएल में भी उनका बल्ला खूब चला था।
विकेटकीपर पंत या सैमसन
एक अहम सवाल ऋषभ पंत का प्रदर्शन है क्योंकि संजू सैमसन पहले ही छह टी-20 मैचों में बेंच पर रहे और महेंद्र सिंह धोनी की अनुपस्थिति से चीजें थोड़ी अस्थिर हैं। धोनी ने संन्यास भी नहीं लिया है। कोच रवि शास्त्री कह चुके हैं विकल्प खुले हैं।
भारत ने यहां अपना एकमात्र टी-20 मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 10 अक्तूबर 2017 को खेला था, जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था। मैच के बाद होटल लौटते हुए टीम की बस पर पत्थर भी फेंके गए थे। इससे कोहली के पुरुषों के लिए यहां अपना खराब रिकॉर्ड सुधारने का समय है।
मैथ्यूज से होगी श्रीलंका को उम्मीदें
श्रीलंका को अपनी अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में ऑस्ट्रेलिया में 0-3 की शिकस्त झेलनी पड़ी, क्योंकि उनके बल्लेबाजों का प्रदर्शन लचर रहा था और उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाहें लगी होंगी। टीम कुसल परेरा पर बहुत निर्भर है जिन्होंने अक्तूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों में 100 रन बनाए थे। श्रीलंकाई टीम के पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज की वापसी से भी काफी उम्मीद लगाए होगी, जिन्होंने अंतिम बार अगस्त 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक टी -20 मैच खेला था।
भारत: विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, लोकेश राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, संजू सैमसन, ऋ षभ पंत (विकेटकीपर), शिवम दुबे, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर, नवदीप सैनी और वाशिंगटन सुंदर।
श्रीलंका: लसिथ मलिंगा (कप्तान), धनुष्का गुणतिलक, अविष्का फर्नांडो, एंजेलो मैथ्यूज, दासुन शनाका, कुसल परेरा, निरोशन डिकवेला, धनंजय डि सिल्वा, इसुरु उडाना, भानुका राजपक्षे, ओशदा फर्नांडो, वानिंदु हसरंगा, लाहिरु कुमारा, कुसल मेंडिस, लक्षण संदाकन और कसुन राजिता।