बांग्लादेश के कप्तान मोमिनुल हक ने स्वीकार किया कि भारत के दमदार तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करने के लिए उनकी टीम के पास जरूरी मानसिक मजबूती का अभाव था।
पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद उन्होंने कहा, 'विकेट बल्लेबाजी के लिए खराब नहीं था या फिर मैंने या मुशफिकुर (रहीम) ने उतने रन नहीं बनाए जितने बनाने चाहिए थे। समस्या यह है कि जब आप दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम के खिलाफ खेल रहे हों तो आपको मानसिक तौर पर अधिक मजबूत होना पड़ता है।'
उनसे जब उछाल वाली पिच पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के फैसले के बारे में पूछा गया तो कप्तान ने उसका बचाव किया। उन्होंने कहा, 'अगर हमने अच्छी शुरुआत की होती तो यह सवाल पैदा ही नहीं होता।'
यह पूछने पर कि क्या खिलाड़ियों की हड़ताल को देखते हुए तैयारियां आदर्श थी, उन्होंने कहा, 'मैंने व्यक्तिगत तौर पर पिछले पांच महीनों में नौ प्रथम श्रेणी मैच खेले और मुझे लगता है कि यह अच्छी तैयारी है। हां अंतर अच्छी गेंदबाजी का है जिसका हम सामना कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निश्चिततौर पर गेंदबाजी का स्तर बढ़ जाता है। आप इस स्तर पर गेंदबाज से 120 या 130 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी की उम्मीद नहीं कर सकते। यह शत प्रतिशत मानसिकता से जुड़ा है।'