सार
कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि भारतीय महिला टीम आगामी टी20 विश्व कप के लिए उसी मेहनत और ईमानदार प्रक्रिया के साथ तैयारी कर रही है, जिसने उन्हें पहले सफलता दिलाई। उन्होंने यह भी माना कि महिला प्रीमियर लीग ने महिला क्रिकेट और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
अमोल मजूमदार ने आगामी टी20 विश्व कप से पहले कहा है कि भारतीय महिला टीम का सफलता का मंत्र वही है, हर दिन कड़ी मेहनत और ईमानदारी से प्रक्रिया पर भरोसा रखना। इंग्लैंड में 12 जून से पांच जुलाई तक खेले जाने वाले टूर्नामेंट के लिए टीम ने काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी थी।
मजूमदार ने क्या कहा?
भारतीय टीम पिछले साल घरेलू सरजमीं पर वनडे विश्व कप जीतने के बाद अब टी20 विश्व कप पर नजरें टिकाए हुए है। मजूमदार ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज से ही टीम ने अगले बड़े लक्ष्य की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा, 'हमारी प्रक्रिया वही है और सफलता का मंत्र भी वही है। हम हर दिन ईमानदारी और पूरी मेहनत के साथ काम करते हैं। हमारा फोकस सिर्फ इस बात पर है कि मैदान पर हर खिलाड़ी अपना 100 प्रतिशत दे।'
इंग्लैंड में मिली सफलता से बढ़ा आत्मविश्वास
मजूमदार ने इंग्लैंड दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मिली जीत ने टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ाया। भारत ने इंग्लैंड में टी20 और वनडे दोनों सीरीज जीती थीं। उन्होंने कहा, 'जब आप मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आत्मविश्वास बढ़ता है। इंग्लैंड में इंग्लैंड को हराना हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। उसी विश्वास ने आगे चलकर विश्व कप में भी मदद की।' हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हारों से टीम को सीखने का मौका मिला।
'जीतना एक आदत है'
भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच ने कहा कि लगातार जीतने की मानसिकता विकसित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, 'किसी भी सीरीज को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि जीतना एक आदत है। अगर आप अच्छी आदतें विकसित करते हैं तो आप सही दिशा में आगे बढ़ते हैं।' मजूमदार ने पिछले तीन वर्षों में टीम और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की ईमानदारी और जुनून ही इस टीम की सबसे बड़ी ताकत है।
WPL ने बदली महिला क्रिकेट की तस्वीर : अमोल मजूमदार
महिला प्रीमियर लीग को लेकर भी अमोल मजूमदार ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूपीएल ने सिर्फ टी20 क्रिकेट ही नहीं बल्कि भारत में महिला खेलों के समग्र विकास में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, 'पिछले तीन सीजन में डब्ल्यूपीएल का जो विकास मैंने देखा है, वह शानदार है। भरे हुए स्टेडियम में खेलना किसी भी खिलाड़ी का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा देता है।' मजूमदार के मुताबिक, बड़े मंच पर मैच जिताने वाले प्रदर्शन से युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास आसमान छूने लगता है और इसका फायदा भारतीय क्रिकेट को लंबे समय तक मिलेगा।
कोचिंग और खेलने में क्या फर्क?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मजूमदार ने खिलाड़ी और कोच की भूमिका की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी के तौर पर चीजें उनके नियंत्रण में रहती थीं, लेकिन कोच के रूप में ऐसा नहीं होता। उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं बल्लेबाजी करने उतरता था तो चीजें मेरे नियंत्रण में होती थीं। लेकिन अब डगआउट में बैठकर सिर्फ तैयारी, योजना और प्रार्थना ही कर सकता हूं।'