वनडे सीरीज में अगर मिताली राज छोड़ दिया जाए तो टीम इंडिया की सभी महिला बल्लेबाजों ने संघर्ष किया। तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में टीम इंडिया अपनी बल्लेबाजी को ठीक करना चाहेगी। भारत की तरफ से एकदिवसीय श्रृंखला ने मिताली राज और झूलन गोस्वामी का प्रदर्शन शानदार रहा। जो टी-20 सीरीज में नहीं होंगी। जहां तक हरमनप्रीत की बात है तो वह लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रही हैं। वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में नवंबर 2018 के बाद से अर्धशतक नहीं लगा पाई हैं। इस सीरीज में उन्हें आगे आकर मोर्चा संभालना होगा।
वहीं टीम इंडिया की दोनों सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना अच्छी फॉर्म में हैं लेकिन उनके प्रदर्शन में स्थिरता की जरूरत है खासकर स्मृति के। टेस्ट और एकदिवसीय मैचों में उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रही। टेस्ट मैच में धूम मचाने वाली स्नेह राणा 2016 के बाद पहली बार टी-20 मैच खेलने उतर सकती हैं। टीम में शामिल 17 वर्षीया रिचा घोष को भी अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। क्योंकि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में बढ़िया प्रदर्शन किया था।
समचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, वनडे सीरीज के बाद से नेट्स में हमारा फोकस स्ट्राइक रोटेशन पर रहा। गेंदबाजों और खेलने की स्थितियों में बदलाव, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में बड़ा सुधार हुआ लेकिन बल्लेबाजों को आगे बढ़ने की जरूरत है, उम्मीद है टीम ऐसा
भारत की टी-20 टीम- हरमनप्रीत कौर (कप्तान) स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रो़ड्रिग्स, शेफाली वर्मा, रिचा घोष हरलीन देओल, स्नेह राणा, तान्या भाटिया, इंद्राणी रॉय, शिखा पांडेय, पूजा वस्त्रकार, अरुंधित रेड्डी, पूनम यादव, एकता बिष्ट, राधा यादव, सिमरन दिल बहादुर
इंग्लैंड की टी-20 टीम- हीथर नाइट (कप्तान), टैमी ब्यूमॉन्ट, कैथेराइन ब्रंट, फ्रेया डेविस, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, ताश फेरेंट, साराह ग्लेन, एमी जोंस, नताली साइवर, आन्या श्रुबसोले, मेडी विलियर्स, फ्रान विल्सन, डैनी वायट