भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन का आनंद लिया। गिल शुक्रवार को पुरुष एकल का सेमीफाइनल मैच देखने पहुंचे थे। गिल ने बताया कि स्पेन के कार्लोस अल्कारेज के खेल में उनकी बल्लेबाजी की झलक दिखाई देती है। गिल का कहना है कि अल्कारेज का ड्रॉप शॉट उनके शॉर्ट आर्म की तरह है।
गिल ने इसके साथ ही महान टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर की प्रशंसा की। उन्होंने खेल के उन दिग्गजों के नाम बताए जिन्हें वह अपने ड्रीम डिनर में आमंत्रित करना चाहेंगे। आधुनिक टेनिस में अल्कारेज का ड्रॉप शॉट सबसे प्रभावी रणनीतिक हथियारों में से एक माना जाता है, जबकि गिल शॉर्ट-पिच गेंदों पर अक्सर शॉर्ट-आर्म शॉट खेलते हैं। गिल ने कहा, अल्कारेज का ड्रॉप शॉट मुझे क्रिकेट के शॉर्ट-आर्म जैब की याद दिलाता है। मैं भी यह शॉट खेलता हूं और यह मेरा खास शॉट है। यह बेहद प्रभावी है।
युगल में अल्कारेज के साथ जोड़ी बनाना चाहेंगे गिल
जब गिल से पूछा गया कि वह टेनिस युगल मुकाबले में किस खिलाड़ी के साथ जोड़ी बनाना चाहेंगे, तो उन्होंने अल्कारेज का नाम लिया। उन्होंने कहा, वह ऐसे खिलाड़ी लगते हैं जो कोर्ट पर खेल का भरपूर आनंद लेते हैं। उनके साथ खेलना मजेदार होगा। मुझे टेनिस की बारीकियों का ज्यादा पता नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि मैं अपना योगदान दे सकता हूं, इसलिए यह मुकाबला काफी रोचक होगा।
गिल ने अपने ड्रीम डिनर मेहमानों के बारे में सेरेना विलियम्स, फेडरर, क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और वेस्टइंडीज के दिग्गज सर विवियन रिचर्ड्स का नाम लिया। उन्होंने कहा, सेरेना विलियम्स, रोजर फेडरर और फिर क्रिकेटरों में सर विवियन रिचर्ड्स और सचिन सर। ये चार दिग्गज हैं जिनके साथ मैं बैठकर डिनर करना चाहूंगा। मुझे लगता है कि उनके साथ होने वाली बातचीत शानदार होगी। इन सभी ने अपने-अपने दौर में खेल पर दबदबा बनाया है और वे अपनी यात्रा से जुड़ा बहुत कुछ साझा कर सकते हैं। वह मेरे लिए एक ड्रीम डिनर होगा।
विंबलडन खिताब जीतने के लिए किया किसका समर्थन?
भारतीय कप्तान ने इस बार विंबलडन का खिताब जीतने के लिए यानिक सिनर का समर्थन किया। उन्होंने जियो स्टार से कहा, मैं विम्बलडन जीतने के लिए सिनर का समर्थन कर रहा हूं। वह शानदार खिलाड़ी हैं और कोर्ट के अंदर और बाहर खुद को बेहतरीन तरीके से पेश करते हैं। रोजर फेडरर मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। बचपन में लोग कहते थे कि वह सब कुछ बेहद सहजता से कर लेते हैं। लेकिन जब आप खुद कोई खेल खेलते हैं, तब समझ में आता है कि किसी चीज को इतना सहज दिखाने के पीछे कितनी मेहनत होती है।