भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। कोलकाता की तुलना में बारसापाड़ा स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के मददगार नजर आ रही है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें स्पिनरों को भी मदद मिलेगी। भारत के लिए कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव पहले दिन सफल रहे और उन्होंने तीन विकेट हासिल किए। अब इस पिच को लेकर भारतीय टीम के सहायक कोच रेयान टेन डस्काटे का भी बयान आया है।
रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे बल्लेबाज
पहले दिन के खेल की समाप्ति के बाद डस्काटे ने कहा कि बारसापाड़ा स्टेडियम पर भारतीय टीम को अधिक रास आयेगी लेकिन कहा कि टेस्ट मैच का नतीजा टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करता है, पिच पर नहीं। दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन उनके बल्लेबाजों के लिए रन बनाना मुश्किल हो रहा था। दक्षिण अफ्रीका ने पहले दिन की समाप्ति तक पहली पारी में छह विकेट पर 247 रन बनाए हैं।
डस्काटे बोले- पहली पारी के रन महत्वपूर्ण होंगे
डस्काटे ने कहा, मेरा निजी मानना है कि विकेट यह तय नहीं कर सकता कि कौन जीतेगा। अगर हम कोलकाता में अच्छा खेलते तो उस पिच पर टेस्ट जीत जाते। आपको हालिया नतीजों पर नजर डालनी होगी। इस तरह के विकेट हमे अधिक रास आते हैं। यह कोलकाता की पिच से बिल्कुल अलग है। हम बेहतर विकेट की कल्पना कर रहे थे। मुझे लगा कि यह मुर्दा पिच है। मैने ट्रिस्टन स्टब्स को कहते सुना कि इस पर रन बनाना काफी मुश्किल हो रहा है। पहली पारी के रन काफी महत्वपूर्ण होंगे।
पहले दिन कुलदीप यादव ने शानदार गेंदबाजी की। सहायक कोच ने उनके बारे में कहा, हमे पता है कि कुलदीप का स्ट्राइक रेट बेहतरीन है। लेकिन शायद यह बात कि उसे ओवरस्पिन मिलता है और लाल मिट्टी और विकेट में थोड़ी ज्यादा रफ्तार के साथ गेंदबाजी कर सकता है, इससे उसे फायदा मिला। इस पिच पर वह हमारे लिए एक्स फैक्टर हैं।
डस्काटे को जडेजा-सुंदर के प्रभावी होने की उम्मीद
डस्काटे ने उम्मीद जताई कि मैच में आगे रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर भी प्रभावी साबित होंगे। नीदरलैंड के पूर्व कप्तान और केकेआर के ऑलराउंडर रहे डस्काटे ने कहा, हमने पिच को अभी फिर देखा है। पैरों के कुछ निशान और गेंद के छोटे निशान है लेकिन लगता नहीं है कि यह पिच टूटेगी। उम्मीद है कि अगले कुछ दिन बरकरार रहेगी।