पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने शांत स्वभाव के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। उनकी यही खूबी क्रिकेट के मैदान पर विपक्षी टीमों के लिए कई बार कारगर साबित होती है। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय टी20 टीम के मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव भी धोनी की इन खूबियों से प्रभावित हैं।
सूर्यकुमार को धोनी से मिली यह सीख
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, 'बहुत दुर्भाग्य की बात है कि मुझे कभी माही भाई (महेंद्र सिंह धोनी) की कप्तानी में खेलने का मौका नहीं मिला। मैं हमेशा चाहता था कि वो भारत के कप्तान हों और मैं उनकी कप्तानी में खेलूं, लेकिन मुझे कभी मौका नहीं मिला। हालांकि, जब मुझे उनके खिलाफ खेलने का मौका मिला मैंने उन्हें कप्तानी करते हुए और विकेटकीपिंग करते हुए। वो हमेशा शांत रहते हैं। मैंने उनसे एक चीज सीखी है कि किसी भी परिस्थिति में खुद को कैसे शांत रखा जा सकता है।'
2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा था अलविदा
धोनी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए हुए करीब पांच साल हो गए हैं। धोनी ने भारत के लिए आखिरी मैच 2019 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में खेला था। भारत वो मुकाबला हार गया था और टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। इसके बाद धोनी ने भारत के लिए कोई मुकाबला नहीं खेला और फिर 15 अगस्त 2020 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।
अपनी कप्तानी में दिलाए तीन आईसीसी खिताब
कैप्टन कूल के नाम से प्रसिद्ध रहे धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान में से एक हैं। रांची से आने वाले धोनी ने भारत को अपनी कप्तानी में 2007 टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया था। धोनी भारत के एकमात्र कप्तान हैं जिनकी कप्तानी में टीम ने तीन आईसीसी खिताब जीते हैं। इसके अलावा उनके नेतृत्व में भारत ने 2010, 2016 में एशिया कप का खिताब भी जीता था। धोनी ने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू किया था।