भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने लंबे समय बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय में वापसी की है। बुमराह यूएई के खिलाफ एशिया कप के मुकाबले में एकमात्र विशेषज्ञ तेज गेंदबाज के तौर पर खेल रहे हैं। बुमराह पर तेज गेंदबाजी आक्रमण का जिम्मा है और उन्होंने यूएई के खिलाफ कसी हुई गेंदबाजी कर इसे साबित भी किया। बुमराह ने पावरप्ले में ही अपने स्पैल के तीन ओवर डाले।
एकमात्र विशेषज्ञ गेंदबाज के तौर पर उतरे बुमराह
भारत ने यूएई के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। सभी प्रारूप में 16 मैचों बाद यह पहली बार था जब भारत ने टॉस जीता। भारत की प्लेइंग-11 को लेकर पिछले कुछ दिन से काफी चर्चा चल रही थी और टीम प्रबंधन ने अनुभव को तरजीह देते हुए संजू सैमसन को मौका दिया है। शुभमन गिल की टी20 टीम में वापसी के बाद से ही इस बात को लेकर असमंजस चल रहा था कि टीम सैमसन और जितेश शर्मा में से किसे प्लेइंग-11 में शामिल करेगी। लेकिन यूएई के खिलाफ टीम ने सैमसन के साथ उतरने का फैसला किया है। भारत ने दुबई में स्पिनरों की मददगार पिच को देखते हुए तीन विशेषज्ञ स्पिनर को प्लेइंग-11 में शामिल किया है, जबकि टीम में सिर्फ एक विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को लिया है। तेज गेंदबाजी आक्रामण का जिम्मा जसप्रीत बुमराह ने संभाला, जबकि ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या दूसरे तेज गेंदबाज रहे।
बुमराह ने शुरुआत से ही यूएई के खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश की और वह काफी हद तक सफल रहे। कप्तान सूर्यकुमार ने भी पावरप्ले में ही बुमराह से तीन ओवर कराए। 2016 एशिया कप के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब बुमराह ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में पावरप्ले के दौरान तीन ओवर फेंके। दिलचस्प बात यह है कि बुमराह ने आखिरी बार यूएई के खिलाफ ही ऐसा किया था।
यूएई की टीम 57 रन पर सिमटी
भारत और यूएई के बीच खेले जा रहे मुकाबले में मेजबान टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई और 13.1 ओवर में 57 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा चार विकेट झटके, जबकि शिवम दुबे ने तीन विकेट अपने नाम किए। जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को एक-एक सफलता मिली। यूएई की पूरी टीम बेहद सस्ते स्कोर पर सिमट गई और भारतीय गेंदबाजों का दबदबा पूरी पारी में देखने को मिला।