भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ होने से काफी खुश हैं और उन्होंने इसे करियर की सर्वश्रेष्ठ जीत करार दिया है। भारत ने लंदन के केनिंगटन ओवल में खेले पांचवें टेस्ट मैच में छह रन से जीत हासिल की जिससे टीम सीरीज ड्रॉ कराने में सफल रही। भारत इस मुकाबले में पिछड़ गया था, लेकिन तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की करिश्माई गेंदबाजी के दम पर भारत ने आखिरकार रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज कर ली।
राहुल बोले- रोहित-कोहली की अनुपस्थिति में नहीं माना जा रहा था दावेदार
केएल राहुल का कहना है कि इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराना उनके करियर का शीर्ष पल है क्योंकि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में इस भारतीय टीम को दावेदार नहीं माना जा रहा है। भारत भले ही इस सीरीज को अपने नाम नहीं कर सका, लेकिन उसने शानदार प्रदर्शन किया। पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड ने जीता था, जबकि दूसरा मैच भारत अपने नाम करने में सफल रहा था। तीसरे टेस्ट में भारत जीत के करीब पहुंचकर हार गया था, जबकि चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा था। अब भारत ने पांचवां टेस्ट मैच जीतकर मेजबान टीम को सीरीज अपने नाम करने से रोका।
राहुल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमने भारत को विश्व कप उठाते हुए देखा है, मेरा मतलब है कि विश्व कप जीतने की बराबरी कोई नहीं कर सकता। लेकिन हर किसी के मन में इतने संदेह, इतने सवाल थे कि क्या टेस्ट क्रिकेट रहेगा या नहीं। मुझे लगता है कि दोनों टीमों ने जिस तरह से इस सीरीज में खेला है, मुझे लगता है कि हमने उस सवाल का जवाब दे दिया है।
राहुल ने कहा, सीरीज से पहले किसी को उम्मीद नहीं थी कि हमारी टीम इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दे पाएगी। हमारे लिए हर मैच में संघर्ष कर वापसी करना और सीरीज को 2-2 से बराबर करना शानदार है। मुझे लगता है कि यह जीत हमारे लिए और भविष्य में भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए सबसे ऊपर रहेगी। मुझे लगता है कि जब मैं टीम में शामिल हुआ तो मुझे यह महसूस हुआ कि मैं सीनियर खिलाड़ियों में से एक हूं। मैं लगभग दो हफ्ते पहले भारत ए के लिए खेलने आया था और तब मुझे ऐसा महसूस नहीं हुआ था। लेकिन जब मैं इस टीम में शामिल हुआ और मैंने चारों ओर देखा और मेरे पास रोहित, विराट और अश्विन नहीं थे, जिनके साथ मैंने अपना सारा क्रिकेट खेला है।
'Ro-Ko के बिना खेलकर अजीब लगा'
उन्होंने कहा, 'रोहित, कोहली और अश्विन के बिना टीम में होना थोड़ा अजीब लगा। तभी मुझे यह अहसास हुआ कि युवा खिलाड़ी मार्गदर्शन के लिए मेरी तरफ देख रहे हैं, मुझ से इंग्लैंड की परिस्थितियों के बारे में पूछने आ रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए, उन्हें कैसे तैयारी करनी चाहिए।' राहुल ने कहा कि उन्होंने सिर्फ प्रदर्शन करने में ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने में भी अपने अनुभव पर भरोसा किया।
राहुल ने बल्लेबाजी में दिखाया दम
राहुल ने इस सीरीज के दौरान बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने पांच टेस्ट मैचों में दो शतक और दो अर्धशतक की मदद से 532 रन बनाए। वह कप्तान शुभमन गिल के बाद इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी है। उन्होंने युवा यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर कई बार टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।