आईपीएल की चार मुख्य टीमें (चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस और दिल्ली डेयरडेविल्स चैपिंयंस लीग में खेलने को कमर कस चुकी हैं। इन चारों टीमों में खेलने वाले 11 खिलाड़ी टी20 विश्व कप में भारत की हार के गवाह भी रह चुके हैं। टी20 में हार के बाद टीम की जमकर आलोचना भी हुई। कई विशेषज्ञों ने टीम को बचाते हुए कहा कि यह क्रिकेट का ऐसा फॉर्मेट है कि इसमें कोई जीत सकता है तो किसी को भी हार मिल सकती है।
भारत ने पिछले साल आईपीएल-4 के बाद इंग्लैंड दौरे में टेस्ट रैंकिंग में अपना नंबर वन का ताज गंवाया था और कुछ वैसे ही परिस्थितियां इस बार भी बनती दिखाई दे रही है। टीम इंडिया के दिग्गज सितारे इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज से पहले दक्षिण अफ्रीका में ट्वंटी-20 चैंपियंस लीग में खेलने उतरेंगे। इस टूर्नामेंट में खेलने के बाद एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों पर थकान हावी हो जाएगी।
इतिहास रहा है गवाह
टीम इंडिया ने 2011 में इंग्लैंड दौरे पर चार मैचों की टेस्ट सीरीज गंवाई थी। इसके बाद यह माना गया था कि ज्यादातर भारतीय खिलाड़ी आईपीएल-4 में डेढ़ महीने तक खेलकर बुरी तरह थके हुए थे। चैंपियंस लीग के 13 अक्तूबर से शुरू हो रहे मुख्य टूर्नामेंट में आईपीएल की चार टीमें विजेता कोलकाता नाइटराइडर्स, उपविजेता चेन्नई सुपरकिंग्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और मुंबई इंडियंस उतरने जा रही हैं। चैंपियंस लीग 28 अक्तूबर को समाप्त हो रही है। इसके तुरंत बाद नवंबर में भारत को इंग्लैंड से घरेलू सीरीज खेलनी है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों पर एक बार फिर थकान होना लाजिमी है। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट 15 नवंबर से खेला जाएगा।
हालांकि भारत को घरेलू सीरीज में इंग्लैंड से खेलना है, लेकिन ये खिलाड़ी द. अफ्रीका में टी20 खेलने के बाद कैसे टेस्ट क्रिकेट के लिए अपने आप को तैयार कर पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी।
चैंपियंस लीग में खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी
चेन्नई: (धोनी, अश्विन, रैना, रविंद्र जडेजा, बद्रीनाथ, यो महेश, ऋद्घिमान साहा, मुरली विजय)
दिल्ली: (वीरेंद्र सहवाग, इरफान पठान, उमेश यादव, वरुण आरोन, वेणुगोपाल राव)
केकेआर: (गौतम गंभीर, बालाजी, मनोज तिवारी)
मुंबई इंडियंस: (हरभजन सिंह, सचिन तेंदुलकर, रोहित शर्मा, प्रज्ञान ओझा, मुनफ पटेल)