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जानिए, एक क्लिक में पूरे स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को

Fri, 17 May 2013 01:14 AM IST
इंटरनेट डेस्क
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आईपीएल-6 में स्पॉट फिक्सिंग होने की प्राथमिक सूचना दिल्ली पुलिस के पास अप्रैल से ही थी। पुलिस ने सटोरियों और संदिग्ध खिलाड़ियों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर लिए, तो संदेह पुख्ता हुआ।
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दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए डीसीपी संजीव यादव के नेतृत्व में एक दल को मुंबई भेजा। वे फोन सर्विलांस के आधार पर काम करते रहे। आईपीएल के मैचों में भी मौजूद रहे।

पुलिस के हाथ स्पॉट फिक्सिंग के कुछ सबूत लगे और दो ऐसे मौके भी आए जब वह खिलाड़ियों को गिरफ्तार कर सकती थी, लेकिन पुख्ता सबूतों के लिए उसने मौकों को जाने दिया।
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बुधवार को मुंबई और राजस्थान रॉयल्स के मैच के दौरान अजित चांडिला और सटोरियों की बातचीत के बाद पुलिस ने अपना पक्ष मजबूत किया और आधी रात के बाद छापे मार गिरफ्तारियां की। पुलिस के हाथ खिलाड़ियों-सटोरियों के बीच हुए लेन-देन का पैसा भी लगा।

ऐसे हो रही थी फिक्सिंग
सटोरियों और खिलाड़ियों के बीच इस बात पर समझौता था कि गेंदबाज किसी खास ओवर में ज्यादा से ज्यादा रन देंगे। सटोरिये उनसे कहते थे कि उस ओवर से पहले उन्हें कोई खास इशारा करना होगा।

जैसे : कलाई घड़ी को घुमाना, टॉवेल अपने पास रखना, फील्ड जमाने में जरूरत से ज्यादा समय लेना, अपने लॉकेट या चेन को शर्ट से बाहर निकालना। ये इशारा करने के बाद गेंदबाज सटोरियों को बताए रनों के हिसाब से गेंद पिटवाते थे।

तीन कलंकित मैच
पहली फिक्सिंग : पुणे वॉरियर्स के खिलाफ, 5 मई  
स्पॉट फिक्सर : अजित चंदीला
डील : 40 लाख (20 लाख एडवांस)
टास्क : दूसरे ओवर में 14 रन देना
कोडवर्ड : दोनों हाथों से टी शर्ट को उठाना
नतीजा : रन तो दिए लेकिन इशारा करना भूले, लौटाने पड़े पैसे

दूसरी फिक्सिंग : किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ, 9 मई
स्पॉट फिक्सर : एस. श्रीसंत
डील : 60 लाख
टास्क : दूसरे ओवर में 14 रन देना
कोडवर्ड : तौलिए को पैंट में लगाकर गेंदबाजी करना
नतीजा : 13 रन दिए

तीसरी फिक्सिंग : मुंबई इंडियंस के खिलाफ, 15 मई
स्पॉट फिक्सर : अंकित चव्हाण
डील : 60 लाख
टास्क : दूसरे ओवर में कम से कम 14 रन देना
कोडवर्ड : रिस्ट बैंड को घुमाना
नतीजा : 15 रन दिए

विदेश में बैठा ‘खिलाड़ी’
दिल्ली पुलिस मान रही है कि इस स्पॉट फिक्सिंग के तार विदेश से जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर के अनुसार हमारे पास इस बारे में जानकारी है लेकिन फिलहाल हम इस पर बात नहीं करेंगे।

सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार किए गए सटोरियों में तीन ऐसे हैं जिनका संबंध दाऊद गैंग से है। इस फिक्सिंग को दुबई से संचालित किया जा रहा था और इसके संबंध कराची से लेकर अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली तक फैले थे।

सटोरियों से संवाद
- खिलाड़ियों के सटोरियों से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष संपर्क तथा संवाद के पुलिस को सबूत मिले हैं। सटोरियों और चांडिला के बीच इस प्रकार बातचीत हुई :
- सटोरिया : हां बताओ भाई।
- चांडिला : पहला ओवर जाने दो। दूसरे ओवर से संभाल लूंगा।
- सटोरिया : सिगनल क्या होगा?
- चांडिला : दोनों टी-शर्ट ऊपर उठाऊंगा और फिर नीचे करके ओवर चालू करूंगा।
वहीं चांडिला ने अंकित चव्हाण का ओवर फिक्स करने के लिए भी सटोरियों से बातचीत की थी।
जब चव्हाण का ओवर हो गया तो उनके बीच हुई बातचीत में चांडिला ने सटोरिये से पूछा : सेठजी खुश हैं ना? इसके बाद उन्होंने कहा : पैसे अंकित को मत देना। आपकी बात मुझसे हुई है तो पैसे भी मेरे थ्रू भेजने चाहिए।

कोई विदेशी लिप्त नहीं
शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई के तेज गेंदबाज शॉन टेट समेत तीन विदेशी क्रिकेटरों के नाम भी स्पॉट फिक्सिंग में आने की अटकलें थीं।

लेकिन दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने यह कहते हुए उन्हें राहत दी कि टेट या किसी अन्य विदेशी का इस मामले से लेना-देना नहीं है। किसी टीम के विदेशी खिलाड़ी की संलिप्तता के सुबूत नहीं मिले हैं।

और भी हो सकते हैं दागी
- हमारी जांच जारी है। ऐसे में यह नहीं कह सकते कि और खिलाड़ी या लोग इसमें शामिल नहीं हो सकते। उनका नाम सामने आने में समय लग सकता है।

मुझे नहीं लगता कि इस खुलासे से आईपीएल के प्रति आकर्षण कम होगा। कुछ खिलाड़ियों की गलत हरकत के कारण इसे बंद नहीं होना चाहिए। हमारे देश में क्रिकेट धर्म है और इसे ज्यादा सुदृढ़ होना चाहिए।
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- नीरज कुमार, दिल्ली पुलिस कमिश्नर

मुंबई में किसे कहां पकड़ा
- श्रीसंत को कार्टर रोड स्थित उनके दोस्त के घर से
- चांडिला को इंटरकॉन्टिनेंटल होटल से
- चव्हाण को होटल ट्राइडेंट से
- सटोरिये अमित कुमार को इंटरकॉन्टिनेंटल के कमरा नंबर 336 से

नंबर गेम
- 40 हजार करोड़ का आईपीएल-6 में लगा है सट्टा
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