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World Cup Flahback: 1983 में पहली बार चैंपियन बना था भारत, थर्रा गया था वेस्टइंडीज

Fri, 03 May 2019 04:19 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला

सार

  • तीसरा विश्व कप: 9 से 25 जून (इंग्लैंड)
  • 08 टीमों (ऑस्ट्रेलिया, भारत, वेस्ट इंडीज, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका, जिंबाब्वे) ने लिया था भाग
  • 27 मैच खेले गए थे 17 दिन तक
  • 18 विकेट सर्वाधिक भारत के रोजर बिन्नी ने आठ मैचों में झटके थे
  • मदन लाल ने इतने ही मैचों में 17 विकेट लिए थे
  • 384 रन सर्वाधिक इंग्लैंड के डेविड ग्रोवर ने सात मैचों में बनाए थे
  • कपिल देव 303 रन बनाकर शीर्ष पांच में शामिल थे  
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विश्व कप 2019 - फोटो : अमर उजाला
किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि कपिल देव की अगुआई वाली भारतीय टीम सभी को चौंकाकर विश्व चैंपियन बन जाएगी। यहां तक कि सटोरियों ने भी भारत को खिताब से कोसों दूर रखते हुए उस पर 66-1 का सट्टा लगाया था।

लीग चरण के पहले ही मुकाबले में दो बार के विश्व चैंपियन वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारतीय टीम की हालात खस्ता कर दी, लेकिन उसने न सिर्फ यह मैच जीता बल्कि फाइनल में भी विंडीज को मात देकर विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया।

फाइनल में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 54.4 ओवर में 183 रन पर आउट हो गई। उसके बाद मोहिंदर अमरनाथ (3/12) और मदन लाल (3/31) के सामने विंडीज टीम 52 ओवर में 140 पर आउट हो गई और भारतीय टीम 43 रन से चैंपियन बन गई।
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1983 विश्व कप विजेता कपिल देव - फोटो : अमर उजाला

कपिल की वो ऐतिहासिक पारी


जिंबाब्वे के खिलाफ लीग मैच में भारतीय टीम ने एक समय 17 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। कपिल (175 नाबाद) ने यहां से मोर्चा संभाला और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ स्कोर 266 तक पहुंचाया। कपिल ने सैयद किरमानी के साथ (24)  के साथ नौवें विकेट के लिए 126 रन की अटूट साझेदारी की। इसके बाद भारत ने जिंबाब्वे को 235 रन पर ढेर कर 31 रन से मैच जीता।


पर कोई फुटेज नहीं

कपिल की इस पारी की फुटेज देखने को क्रिकेट प्रेमी आज भी तरसते हैं। प्रसारणकर्ताओं की आकस्मिक हड़ताल के कारण इसका प्रसारण नहीं हो सका। उस समय मैदान पर मौजूद दर्शक ही इस पारी का गवाह बन सके।

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कपिल देव (लॉर्ड्स) - फोटो : ESPN

पहला सेमीफाइनल


पहला सेमीफाइनल मुकाबला इंग्लैंड और भारत के बीच ओल्ड ट्रेफोर्ड के मैदान पर खेला गया। इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपने सभी विकेट खोकर भारत के सामनें 214 रनों का लक्ष्य रखा। भारतीय टीम ने सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य को 54.4 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 217 रन बनाते हुए हासिल कर लिया। भारत के मोहिंदर अमरनाथ को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ( 2 विकेट तथा 46 रन) 'मैन ऑफ द मैच' का खिताब मिला।

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1983 विश्व कप

दूसरा सेमीफाइनल

पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच ओवल के मैदान पर दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया। मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 60 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 184 रन बनाए। 185 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने लक्ष्य को 48.4 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर हासिल किया। वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स को उनकी 80 रनों की शानदार पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।

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1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव - फोटो : अमर उजाला

1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल


लॉर्ड्स के मैदान पर हुए फाइनल मुकाबलें में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज का सामना भारत से हुआ। भारतीय टीम पहली बार इस बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया। मैच में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 54.4 ओवरों में 183 रनों पर ढेर हो गयी।

184 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत तो अच्छी रही लेकिन पहला विकेट गिरने के बाद नियमित अंतराल में विकेट गिरने का सिलसिला शुरु हो गया। जिसके चलते पूरी कैरेबियाई टीम 52 ओवरों में 140 रनों पर ढेर हो गई।

इस जीत के साथ ही टूर्नामेंट में कमजोर मानी जा रही भारतीय टीम पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनीं। मोहिंदर अमरनाथ को उनकें ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए (26 रन तथा 3 विकेट) 'मैन ऑफ द मैच' का अवॉर्ड मिला।

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