रोहित शर्मा की अगुआई वाली भारतीय टीम लगातार दूसरे आईसीसी खिताब से एक कदम दूर है। भारत का सामना चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में रविवार को न्यूजीलैंड से होगा। भारत ने इस टूर्नामेंट में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और लगातार चार मैच जीतकर खिताबी मुकाबले के लिए क्वालिफाई किया है। टीम इंडिया ने पिछले साल टी20 विश्व कप का खिताब जीता था और अब टीम लगातार दूसरे आईसीसी खिताब जीतने के करीब है।
प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा भारत
भारत इस मैच में प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगै, लेकिन कीवी टीम को भी कम नहीं आंका जा सकता। दुबई में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम ने चार में से तीन मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की है और इसमें विराट कोहली तथा श्रेयस अय्यर का योगदान अहम रहा है। सिर्फ एक मैच में टीम ने लक्ष्य का बचाव किया और वो मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ था। उस मैच में स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने पांच विकेट लिए थे जिससे टीम सफलता हासिल करने में सफल रही थी।
न्यूजीलैंड कड़ी चुनौती
भारत के लिए न्यूजीलैंड हमेशा कठिन चुनौती साबित हुआ है और आईसीसी टूर्नामेंटों में न्यूजीलैंड का उसके खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 10-6 का है। न्यूजीलैंड ने आईसीसी नॉकआउट चरण में भारत के खिलाफ चार में से तीन मुकाबले जीते हैं। अगर फाइनल उसी पिच पर खेला जाता है जहां भारत और पाकिस्तान का मैच हुआ था तो चार स्पिनर गेंदबाज फिरकी के जाल में कीवी टीम को बुरी तरह फंसा सकते हैं।
भारतीय टीम टूर्नामेंट में अजेय रही है और उसकी कोशिश विजयी रथ को जारी रखते हुए 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करने पर टिकी होंगी। आइए जानते हैं भारत का चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सफर कैसा रहा...
बांग्लादेश को हराकर किया था आगाज
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की शानदार गेंदबाजी के बाद उपकप्तान शुभमन गिल के बेहतरीन शतक से भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के अपने पहले मुकाबले में बांग्लादेश को छह विकेट से हराकर टूर्नामेंट की विजयी शुरुआत की थी। शमी की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था और बांग्लादेश को 49.4 ओवर में 228 रन पर रोक दिया था। जवाब में भारत ने गिल के 129 गेंदों पर नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 101 रनों की बदौलत 46.3 ओवर में चार विकेट पर 231 रन बनाकर मैच जीता। बांग्लादेश के लिए जहां तौहीद ह्रदोय ने शतक जड़ा और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, वहीं गिल ने भी अपने वनडे करियर का आठवां शतक लगाया और टीम को जीत दिलाई थी। गिल का साथ अंत में केएल राहुल ने बखूबी निभाया था।
गत चैंपियन पाकिस्तान को दिखाया था बाहर का रास्ता
आईसीसी टूर्नामेंटों में पाकिस्तान पर कहर साबित होने वाले विराट कोहली ने एक बार फिर इतिहास को दोहराते हुए नाबाद शतक के साथ भारत को पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट से जीत दिलाई छी। इसके साथ ही टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया था। विराट ने आईसीसी टूर्नामेंट्स में पांचवीं बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था। विराट के अलावा किसी अन्य खिलाड़ी ने आईसीसी टूर्नामेंट में एक ही प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ तीन से अधिक प्लेयर ऑफ द मैच नहीं जीते हैं। जीत के लिए 242 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे कोहली ने सही समय पर और सही प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ फॉर्म में वापसी करते हुए 111 गेंद में सात चौकों की मदद से नाबाद 100 रन बनाए थे। वहीं श्रेयस अय्यर ने 67 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के के साथ 56 रन बनाकर भारत को 42.3 ओवर में जीत दिलाई थी। भारत की जीत के साथ ही पाकिस्तान का सफर समाप्त हो गया था।
न्यूजीलैंड पर भारी पड़े थे स्पिनर
स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के दमदार प्रदर्शन से भारत ने ग्रुप ए के अंतिम मुकाबले में न्यूजीलैंड को 44 रनों से हराया था। भारत का ग्रुप चरण में अजेय अभियान जारी रहा और टीम ने तीनों मैच जीतकर ग्रुप ए में शीर्ष पर रहते हुए इस चरण का अंत किया। भारत के लिए वरुण ने शानदार प्रदर्शन किया और 10 ओवर में 42 रन देकर पांच विकेट झटके। यह किसी भारतीय गेंदबाज का चैंपियंस ट्रॉफी के डेब्यू मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। वरुण का चैंपियंस ट्रॉफी में यह पहला ही मैच था और वह चमक बिखेरने में सफल रहे थे। वरुण ने इस मामले में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को पीछे छोड़ा जिन्होंने 2005 में बांग्लादेश के खिलाफ दुबई में ही 53 रन देकर पांच विकेट लिए थे। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रेयस अय्यर की अर्धशतकीय पारी के दम पर 50 ओवर में नौ विकेट पर 249 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए केन विलियमसन ने 81 रन बनाए, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम 45.3 ओवर में 205 रन पर ऑलआउट हो गई थी।
कंगारुओं से हिसाब चुकता किया
भारत का सामना सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हुआ था। ऑस्ट्रेलिया की टीम ग्रुप बी में दूसरे स्थान पर रही थी। भारतीय टीम ने गेंदबाजों के बाद विराट कोहली की अगुआई में बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में चार विकेट से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली थी। भारतीय टीम टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए फाइनल में पहुंची। इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया था और 49.3 ओवर में 264 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली एक बार फिर चेज मास्टर साबित हुए और उन्होंने 98 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 84 रन बनाए जिसकी मदद से भारत ने 48.1 ओवर में छह विकेट पर 267 रन बनाकर मैच जीता था।
भारत ने इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया से 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल में मिली हार का बदला भी चुकता कर लिया था। यह लगातार तीसरी बार है जब भारत सीमित ओवर प्रारूप के आईसीसी टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह बनाने में सफल रहा। भारत ने इससे पहले 2023 वनडे विश्व कप, 2024 टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई थी और अब वह चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मैच में भी पहुंचने में सफल रहा। वहीं, टीम इंडिया लगातार तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची। इससे पहले टीम 2013 और 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भी पहुंची थी।