टीम इंडिया के पूर्व कोच अनिल कुंबले की विदाई और नए कोच शास्त्री की नियुक्ति और उसके बाद सपोर्ट स्टाफ के चुनाव तक भारतीय क्रिकेट टीम में बहुस से विवाद हुए। इस विवाद के समापन के बाद टीम इंडिया श्रीलंका दौरे पर पहुंची और जीत के साथ शास्त्री ने अपनी पारी का आगाज किया। शास्त्री टीम इंडिया के कोचिंग के तरीके में बदलाव किया ही। लेकिन असिस्टेंट कोट संजय बांगर ने भी बल्लेबाजों के अभ्यास के लिए एक नई डिवाइस का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। जिसका फायदा बल्लेबाजों की बल्लेबाजी में दिखाई पड़ रहा है।
असिस्टेंट कोच संजय बांगर का पहला काम खिलाड़ियों को बल्लेबाजी का अभ्यास कराना है। वह भी नए सिरे से टीम से जुड़ने के बाद और इनोवेटिव हो गए हैं। वो बल्लेबाजों को अभ्यास के लिए एक नई डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं। इस डिवाइस को 'रोबो आर्म' कहा जाता है। ये डिवाइस अभ्यास के लिए गेंद थ्रो करने में काम आती है। ये पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों को अभ्यास कराने में उपयोग की जाने वाली डिवाइस का नया वर्जन है।
एक्सट्राइम की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टीम इस डिवाइस का इस्तेमाल चैंपियंस ट्रॉफी से कर रही है। इस डिवाइस को एक भारतीय कंपनी ने डिजायन किया है। इसमें कई बेहतरीन फीचर हैं। टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ से जुड़े एक सख्श ने बताया, इस डिवाइस के कई फायदे हैं। गेंद थ्रो करते वक्त यदि आपके हाथ में पसीना है बावजूद इसके आपकी पकड़ अच्छी रहती है। सबसे बड़ा फायदा ये है कि गेंद थ्रो करने वाले के कंधे पर गेंद थ्रो करते वक्त कम जोर पड़ता है। इस डिवाइस की मदद से आसानी से 100मील प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी जा सकती है।
Keeping a close watch and waiting for his turn at the nets @ajinkyarahane88 #TeamIndia #SLvIND pic.twitter.com/9wgwNMg0E4
— BCCI (@BCCI) August 1, 2017
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली सहित टीम के कई खिलाड़ी घंटों थ्रो की गई गेंदों पर अभ्यास करना पसंद करते हैं। उनके लिए ये डिवाइस बहुत उपयोगी साबित हो रही है। इसकी मदद से सपोर्ट स्टाफ बिना थके ज्यादा लंबे समय तक बल्लेबाजों को अभ्यास करा सकते हैं।
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