भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने इशारों में वेस्टइंडीज टीम पर निशाना साधा है। गिल ने कहा कि टेस्ट उत्कृष्टता पर आधारित क्रिकेट व्यवस्था मजबूत एकदिवसीय और टी20 टीमें तैयार करेगी लेकिन इसके विपरीत स्थिति नहीं होगी। उन्होंने हालांकि इस बहस को दरकिनार कर दिया कि क्या वेस्टइंडीज जैसी टीम के संघर्ष को देखते हुए टेस्ट में दो स्तरीय प्रणाली की आवश्यकता है।
वेस्टइंडीज के प्रदर्शन में आई है गिरावट
वेस्टइंडीज एक समय मजबूत टीम मानी जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने मिली है। पिछले दो दशक में कैरेबियाई क्रिकेट में काफी बदलाव आया है और टी20 लीग की सफलता का मतलब है कि इसकी सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं ने वित्तीय स्थिरता के लिए इन लीगों में खेलने का रास्ता चुना है जिससे लाल गेंद के खिलाड़ियों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय और तेजी से गिरावट आई है।
दो स्तरीय प्रणाली पर क्या बोले गिल?
अहमदाबाद में पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज को पारी और 140 रन से हराने के बाद गिल से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि अब दो स्तरीय प्रणाली का समय आ गया है तो भारतीय कप्तान ने वेस्टइंडीज का नाम लिए बिना एक मजबूत नींव के महत्व के बारे में बात की। गिल ने दूसरे टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर कहा, मुझे लगता है कि यह आईसीसी का फैसला होगा कि दो स्तरीय प्रणाली होनी चाहिए या नहीं। लेकिन मुझे लगता है कि एक क्रिकेट खेलने वाले देश के तौर पर अगर आपका लाल गेंद का आधार बहुत मजबूत है तो आप एकदिवसीय और टी20 में अपने आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। अगर आप इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, किसी भी टीम को देखें। अगर टेस्ट टीम बहुत अच्छी हैं तो यह स्वाभाविक है कि आपकी एकदिवसीय और टी20 टीम भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी।
गिल ने कहा, मुझे नहीं पता, हो सकता है कि उनके वेस्टइंडीज खिलाड़ियों का ध्यान टी20 और लीग पर अधिक हो। इसलिए अगर आपका ध्यान उसी पर है और आप खेल के आधार को भूल जाते हैं तो किसी भी देश का संघर्ष वहीं से शुरू होता। अगर आप टेस्ट प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो स्वाभाविक है कि वनडे और टी20 में भी आपकी टीम अपने आप अच्छी होगी। अगर आपके पास अच्छा आधार है तो आपके पास अच्छे विकल्प होंगे।