जीत के करीब पहुंचकर पिछला मैच गंवाने वाली भारतीय टीम का महिला विश्व कप के सबसे कठिन मुकाबले में सात बार की चैंपियन आस्ट्रेलिया से शनिवार को सामना होगा तो खराब फॉर्म से जूझ रहे उसके शीर्षक्रम के बल्लेबाजों को जिम्मेदारी से खेलना होगा वरना सेमीफाइनल की राह असंभव हो जाएगी। आईसीसी टूर्नामेंट में पहली खिताबी जीत का इंतजार कर रही भारतीय टीम ने पहले दो मैचों में निचले क्रम के प्रदर्शन के दम पर श्रीलंका और पाकिस्तान को हराया लेकिन इस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुरुवार को टूर्नामेंट की पहली कठिन परीक्षा में हरमनप्रीत कौर की टीम को पराजय का सामना करना पड़ा।
भारतीय टीम पर वापसी का दबाव
भारतीय टीम अभी तीन मैचों में चार अंक लेकर तीसरे स्थान पर है और एक और हार उसे तालिका में नीचे धकेल देगी। वहीं आस्ट्रेलिया तीन मैच में पांच अंक लेकर शीर्ष पर है। दक्षिण अफ्रीका से हार ने सेमीफाइनल की भारत की राह कठिन कर दी है चूंकि अब अगले तीनों मैचों में भारत को आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी दिग्गज टीमों से खेलना है और अब कोई भी कोताही भारी पड़ सकती है।
लगातार तीसरे मैच में सितारों से सजा भारत का शीर्ष क्रम नाकाम रहा और आठवें नंबर पर उतरी ऋचा घोष के 94 रन की मदद से मेजबान टीम 251 रन बना सकी। जवाब में गेंदबाजों ने अच्छी शुरूआत दिलाई लेकिन आठवें नंबर की बल्लेबाज नादिन डी क्लार्क के 54 गेंद में नाबाद 84 रन की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने भारत को तीन विकेट से हरा दिया। इस हार ने भारतीय शीर्ष क्रम की नाकामी को लेकर चिंता बढ़ा दी और एक छठे गेंदबाज की कमी भी महसूस हुई। वनडे विश्व कप में आखिरी बार 2017 में इंग्लैंड में सेमीफाइनल में 115 गेंद में 171 रन बनाकर भारत को जीत दिलाने वाली मौजूदा कप्तान हरमनप्रीत का बल्ला अभी तक खामोश है जो पिछले तीन मैचों में 21,19 और नौ रन ही बना सकी हैं जबकि इस साल शानदार प्रदर्शन करने वाली स्मृति मंधाना ने 8, 23 और 23 रन बनाये हैं।
शीर्ष क्रम का प्रदर्शन तय कर सकता है मुकाबले का नतीजा
वहीं मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स ने पाकिस्तान के खिलाफ 32 रन बनाये लेकिन बाकी दोनों मैचों में खाता भी नहीं खोल सकी और तीनों बार बायें हाथ की स्पिनरों ने उन्हें आउट किया। भारत के शीर्ष पांच बल्लेबाजों में से कोई भी तीन मैचों में अर्धशतक नहीं बना सका है। कप्तान हरमनप्रीत ने भी हार के लिए शीर्ष क्रम को जिम्मेदार ठहराते हुए मैच के बाद कहा था, 'हम शीर्ष क्रम में जिम्मेदारी के साथ नहीं खेल सके। हमें इसमें सुधार करना होगा और बड़े स्कोर बनाने होंगे। हमें आत्ममंथन करके सकारात्मक सोच के साथ उतरना होगा।' दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक समय एक विकेट पर 83 रन के बाद भारत ने 19 रन के भीतर पांच विकेट गंवा दिए। स्नेह राणा और रिचा ने 88 रन की साझेदारी नहीं की होती तो सम्मानजनक स्कोर भी नहीं बनता।
वहीं पाकिस्तान पर जीत में सूत्रधार रही तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शुरूआत अच्छी की लेकिन 47वें ओवर में क्लार्क ने उन्हें दो छक्के और एक चौका लगाकर मैच की तस्वीर पलट दी। गेंदबाज डी क्लार्क और क्लो ट्रायोन के बल्लों पर अंकुश लगाने या बड़ी साझेदारी से रोकने में नाकाम रहे । ऐसे में भारत को एक और गेंदबाज की कमी बुरी तरह खली।
ऑस्ट्रेलिया का अजेय अभियान जारी
दूसरी ओर आस्ट्रेलिया ने अभी तक एक भी मैच नहीं गंवाया है और पाकिस्तान के खिलाफ सात विकेट 76 रन पर गंवाने वाली गत चैम्पियन टीम को बेथ मूनी ने शतक जमाकर संकट से निकाला। वहीं गेंदबाजी में तेज गेंदबाज किम गार्थ, मेगान शूट और अनाबेल सदरलैंड ने मिलकर सात विकेट चटकाए। वनडे विश्व कप में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच अब तक हुए 12 मुकाबलों में से नौ बार आस्ट्रेलिया ने जीत दर्ज की है जबकि भारत को 2009 में दो बार और 2017 में जीत मिली है। इंग्लैंड में 2017 में सेमीफाइनल में मिली जीत की सूत्रधार हरमनप्रीत थी जिन्होंने 115 गेंद में 175 रन की मैराथन पारी खेली थी जबकि स्पिनर दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट चटकाए थे। इन दोनों खिलाड़ियों से उस प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद होगी।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11 इस प्रकार है
भारत: प्रतिका रावल, स्मृति मंधाना, हरलीन देओल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, स्नेह राणा, क्रांति गौड़, श्री चरणी।
ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (विकेटकीपर/कप्तान), फीबी लिचफील्ड, एलिस पेरी, बेथ मूनी, एनाबेल सदरलैंड, एश्ले गार्डनर, ताहलिया मैक्ग्रा, जॉर्जिया वेयरहैम, किम गर्थ, एलाना किंग, मेगन स्कट।