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सर्द हवाओं के बीच वेस्टइंडीज से भिड़ेगी टीम इंडिया

Fri, 17 Oct 2014 12:53 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज का चौथा वनडे शुक्रवार को धर्मशाला में खेलना है। समुद्री तूफान हुदहुद के कारण विशाखापट्टनम में 14 अक्टूबर को खेला जाने वाला सीरीज का तीसरा मुकाबला रद कर दिया गया। इस कारण सीरीज अभी भी 1-1 से बराबरी पर है।
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अगले साल वर्ल्ड कप में भाग लेने से पहले भारतीय टीम अपने घर में आखिरी बार वनडे सीरीज खेल रही है, ऐसे में वह इस मैच को जीतकर सीरीज को अपने नाम करने की कोशिश करेगी।

पहले इस मैच में बारिश का साया पड़ने की बात कही जा रही थी लेकिन अब ऐसी संभावना है कि मैच तय समय से शुरू होगा और बारिश के कारण मैच में खलल भी नहीं पड़ेगा।
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सर्द मौसम और तेज हवाओं के बीच भारतीयों की परीक्षा

भारतीय बल्लेबाजों के लिए तेज और बाउंसी पिच पर खेलना हमेशा एक बड़ी चुनौती होती है, फिर बात चाहे विदेशी जमीन पर खेलने की हो या घर में। आमतौर पर घरेलू मैदानों पर टीम इंडिया को उन विकेटों पर खेलने का मौका मिलता है जो बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती हैं लेकिन कुछ मैदान ऐसे भी हैं जो धोनी एंड कंपनी को विदेशी जमीन पर खेलने का अहसास कराती हैं।

धर्मशाला का हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ग्राउंड (एचपीसीए) स्टेडियम भी उन्हीं में से एक है। 17 अक्टूबर को टीम इंडिया धर्मशाला में सीरीज का चौथा मुकाबला खेलने उतरेगी। इस सीरीज में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं।

पिछले दो मैच टीम इंडिया ने गर्म माहौल में धीमी विकेट पर खेले। अब जब दोनों टीमें गुरुवार को धर्मशाला पहुंचेगी तो उनका स्वागत सर्द मौसम, तेज हवाएं और बारिश करेगी। यह स्टेडियम पहाड़ों से घिरा हुआ है और दुनिया के सबसे खूबसूरत स्टेडियमों में से एक है।

चूंकि यह स्टेडियम पूरी तरह से खुला हुआ है इसलिए हवा सीधी मैदान में आती है जिससे तेज गेंदबाजों को काफी फायदा मिलता है। इस स्टेडियम ने अभी तक सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच की मेजबानी की है।

टीम इंडिया की बुरी यादें जुड़ी हुई है यहां पर

हालांकि मैच से पहले इस मैदान पर टीम इंडिया की बुरी यादें जुड़ी हुई हैं। पिछले साल की शुरुआत में बड़े ही जोरशोर से धर्मशाला ने अंतरराष्ट्रीय मैच स्‍थलों के पटल पर अवतरित होने के साथ पहचान बनाई लेकिन भारत की शुरुआत यहां पर अच्छी नहीं रही थी। इस मैदान पर पहला अंतरराष्ट्रीय मैच भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया।

27 जनवरी 2013 को भारत ने एकमात्र मुकाबला इंग्लैंड से खेला था जिसमें उसे 7 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस मुकाबले में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने भारत के शीर्षक्रम की धज्जियां उड़ाते हुए सिर्फ 79 रन तक 5 बल्लेबाजों के पवेलियन भेज दिया था। शुरुआती 5 में से 2 बल्लेबाज तो अपना खाता भी नहीं खोल सके थे।

निचलेक्रम के बल्लेबाजों की मदद से किसी तरह भारतीय टीम 226 रन के स्कोर तक पहुंच सकी थी। जवाब में इंग्लैंड ने 16 गेंद शेष रहते 7 विकेट से मैच जीत लिया।

बाउंसी पिच पर शीर्ष क्रम को दिखाना होगा कमाल

टीम इं‌डिया के लिए यहां की स्थितियां अच्छी नहीं हैं। खराब रिकॉर्ड, तेज और बाउंसी पिच, वेस्टइंडीज का शानदार तेज गेंदबाजी आक्रमण और शीर्षक्रम बल्लेबाजों की नाकामी, वे चुनौतियां हैं जिनसे टीम इंडिया को निपटना होगा।

ऐसे में टीम के शीर्षक्रम के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे, शिखर धवन, विराट कोहली, अंबाती रायडु, सुरेश रैना और कप्तान धोनी पर बड़ा स्कोर बनाने की जिम्मेदार है जिससे मेजबान विंडीज टीम पर दबाव कायम कर सके। आउट ऑफ फॉर्म चल रहे कोहली ने दूसरे वनडे में फिफ्टी ठोककर लय में लौटने का संकेत दिया है।

निचले क्रम में आलराउंडर रवींद्र जडेजा से भी उपयोगी पारी खेलने की दरकार रहेगी, उन्होंने हाल में कई मौकों में टीम के लिए काफी योगदान दिया है।
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शमी और भुवी की जोड़ी से है उम्मीद

जहां तक भारतीय टीम की गेंदबाजी आक्रमण का सवाल है तो मोहम्मद शमी सीरीज में अब तक बेहद सफल रहे हैं और दोनों मैचों में 4-4 विकेट झटक चुके हैं। भुवनेश्वर कुमार ने भी स्विंग गेंदबाजी का भरपूर प्रयोग किया है।

इन दोनों के अलावा उमेश यादव और इशांत शर्मा दो अन्य तेज गेंदबाज हैं जिनमें से किसी एक को मैच में खेलने का मौका मिल सकता है।

शीर्ष फिरकी गेंदबाज आर अश्विन की अनुपस्थिति में युवा गेंदबाज अक्षर पटेल को टीम एकादश में शामिल किए जाने की संभावना है। फिरकी गेंदबाजी में अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा पर काफी दारोमदार होगा। आलरांउर रवींद्र जडेजा बल्‍ले के अलावा अपनी दोहरी भूमिका में कामयाब रहे तो टीम इंडिया के लिए फायदेमंद साबित होगा।

वेस्टइंडीज के बल्‍लेबाज मार्लोन सैमुअल्स और ड्वेन स्मिथ और दिनेश रामदीन जोरदार फॉर्म में हैं और भारतीय आक्रमण का सामना बखूबी कर रहे हैं। वे इस मैच में भी अपनी टीम के लिए बड़ा योगदान देने की मंशा रखते हैं।

जबकि गेंदबाजी में जेरोम टेलर, डेरेन ब्रॉवो और रवि रामपॉल अपनी गेंदबाजी से भारतीय बल्‍लेबाजों पर अंकुश लगाने की कोशिश करेंगे।
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