रोहित-धवन की जोड़ी ने वन-डे क्रिकेट में तहलका मचा रखा है। दोनों ने शानदार पारियां खेलकर टीम इंडिया को कई बार बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। हालांकि, मौजूदा सीरीज में शिखर धवन का बल्ला अब तक खामोश रहा है और पुणे में रन की बरसात करने को बेकरार होंगे।
वहीं रोहित शर्मा ने पहले मैच में ताबड़तोड़ पारी खेली थी जबकि दूसरे वन-डे में वह सस्ते में आउट हो गए थे। वह भी तीसरे वन-डे में कैरीबियाई गेंदबाजों की खबर लेने में जुटे रहेंगे। इन दोनों का तीसरे वन-डे में खेलना लगभग तय है।
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पहले दो वन-डे में लगातार दो शतक जमाए। तीसरे वन-डे में भी टीम इंडिया की रन मशीन बड़ा धमाल करने के इरादे से मैदान संभालेगी।
अंबाती रायुडू ने दूसरे वन-डे में उम्दा पारी खेली और कप्तान कोहली के साथ अच्छी साझेदारी करके चौथे क्रम की समस्या को बहुत हद तक सुलझा दिया है। अब देखना होगा कि तीसरे वन-डे में भी क्या रायुडू बेहतर प्रदर्शन करके अपनी जगह स्थायी कर पाएंगे।
ऋषभ पंत को पहले वन-डे में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला जबकि दूसरे मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। टीम प्रबंधन एक बार फिर युवा बल्लेबाज पर भरोसा जता सकता है और वह उनकी उम्मीदों पर खरा उतरकर शानदार पारी खेलने की कोशिश करेंगे।
महेंद्र सिंह धोनी का बाहुबली अंदाज काफी समय से मिसिंग है। फैंस को उम्मीद है कि वह धोनी के लंबे-लंबे छक्के पर झूमे। धोनी को पहले वन-डे में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन दूसरे मैच में वह फिर मौके की नजाकत का फायदा उठाने से चूक गए। धोनी ने 20 रन बनाए।
हालांकि, धोनी को कप्तान विराट कोहली और टीम प्रबंधन का समर्थन हासिल है। इसके अलावा धोनी टीम के मेंटर हैं और विकेटकीपिंग में काफी चुस्त भी हैं। ऐसे में टीम इंडिया उन्हें तीसरे वन-डे में जरूर मौका देना चाहेगी।
स्पिन जोड़ी 'कुलछा' तीसरे वन-डे में विंडीज बल्लेबाजों को परेशान करने के इरादे से मैदान संभालेगी। इन दोनों को मौका मिलना तय है। कुलदीप ने दूसरे वन-डे में अच्छी गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके।
युजवेंद्र चहल ने काफी किफायती गेंदबाजी की और दो वन-डे में उन्होंने चार विकेट झटके हैं। इन दोनों के साथ रवींद्र जडेजा को मौका मिला, जो दोनों ही मैच में काफी महंगे साबित हुए। ऐसे में जड्डू को मौका मिलना मुश्किल हो सकता है।
जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार को आराम मिल गया है और अब वह मैदान पर हुंकार भरने को तैयार हैं। वह दोनों मोहम्मद शमी और उमेश यादव के तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेना चाहेंगे।
खलील अहमद युवा हैं, ऐसे में उन्हें टीम प्रबंधन एक और मौका दे सकता है। वैसे, खलील अहमद को दूसरे वन-डे में बेंच पर बैठाया गया था, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि पुणे में उन्हें खेलने का मौका मिल सकता है।
नोट: मैच में इन्हीं 11 खिलाड़ियों का मैदान पर उतरना तय नहीं है। परिस्थितियों को देखते हुए प्रतीत हुआ कि इन खिलाड़ियों को मौका मिल सकता है। मैच के दिन टॉस के समय ही मैदान पर उतरने वाली एकादश का पता चलेगा।