वेस्ट इंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगी, लेकिन कप्तान धवन के सामने कई चुनौतियां हैं। अनुभवी रवींद्र जडेजा इस मैच से बाहर रह सकते हैं। वहीं, सलामी जोड़ी को लेकर भी संशय बना हुआ है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला जाएगा। दोनों टीमें यह मुकाबला अपने नाम कर जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेंगी। इस मैच में भारतीय टीम शिखर धवन की कप्तानी में खेलेगी। रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह सहित कई सीनियर खिलाड़ियों को इस सीरीज में आराम दिया गया है। ऐसे में टीम इंडिया को जीत दिलाने की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों पर होगी।
विज्ञापन
कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान शिखर धवन के सामने इस मैच में सबसे बड़ी चुनौती टीम चयन को लेकर होगी। रवींद्र जडेजा को इस सीरीज में उपकप्तान बनाया गया है, लेकिन वो भी चोटिल हैं और पहले मैच में उनका खेलना तय नहीं हैं। उनकी जगह अक्षर पटेल को मौका दिया जा सकता है।
हार्दिक के जाने से संतुलन बिगड़ा
हार्दिक पांड्या को भी इस सीरीज में आराम दिया गया है और उनके न रहने से टीम का संतुलन बिगड़ा है। शार्दुल ठाकुर को उनकी जगह तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, हार्दिक ने हाल में गेंद और बल्ले से जैसा प्रदर्शन किया है उसकी बराबरी करना शार्दुल के लिए मुश्किल होगा। गेंदबाजी में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन बल्लेबाजी में उन पर भरोस नहीं किया जा सकता। कई मौकों पर शार्दुल ने अच्छी बल्लेबाजी की है, लेकिन वो भरोसेमंद बल्लेबाज नहीं हैं।
क्या होगी ओपनिंग जोड़ी?
ईशान किशन ने रोहित के साथ श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ पारी की शुरुआत की थी। इस सीरीज में भी वो टीम इंडिया के लिए पारी की शुरुआत कर सकते हैं। उनके अलावा ऋतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन और शुभमन गिल भी ओपनिंग के दावेदार हैं। हालांकि, संजू को मध्यक्रम में मौका दिए जाने की संभावना ज्यादा है।
गेंदबाजी में चहल पर विकेट निकालने की जिम्मेदारी
इस सीरीज में भारत के सभी तेज गेंदबाज युवा हैं और उनके पास अनुभव की कमी है। प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज को इस मैच में मौका मिल सकता है। वहीं, स्पिन विभाग में चहल सबसे अनुभवी हैं और वेस्टइंडीज के मैदान स्पिन गेंदबाजों की मदद करते हैं। ऐसे में चहल के ऊपर ही विकेट लेने की जिम्मेदारी होगी। चहल अच्छी लय में भी हैं और इंग्लैंड के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्हें वेस्टइंडीज में जिम्मेदारी के साथ विकेट लेने होंगे और कैरिबियाई बल्लेबाजों पर लगाम लगानी होगी।
पोर्ट ऑफ स्पेन की पिच स्पिन गेंदबाजों को मदद करेगी। बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने की बजाय लंबी साझेदारियां करने पर जोर देना होगा। इस मैदान 250 रन का स्कोर अच्छा होगा।