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IND vs SL: अभी भी टेस्ट क्रिकेट ही है देवदत्त पडिक्कल का एकमात्र लक्ष्य, बोले- इस प्रारूप में खेलना प्राथमिकता

Wed, 19 Aug 2026 12:28 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गॉल

सार

भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने माना कि उनके लिए अभी भी टेस्ट क्रिकेट में खेलते रहना असली लक्ष्य है। पडिक्कल ने साथ ही कहा कि वह लाल गेंद के प्रारूप को प्राथमिकता देते हैं।
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देवदत्त पडिक्कल - फोटो : BCCI
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विस्तार
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भारतीय टीम के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल का कहना है कि अभी भी टेस्ट क्रिकेट ही उनका असली लक्ष्य है। पडिक्कल को साई सुदर्शन के चोटिल होने के कारण तीसरे स्थान पर खेलने का मौका मिला और उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ जारी पहले टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन किया। पडिक्कल ने गॉल टेस्ट की दोनों पारियों में 167 और 44 रन बनाए जिससे भारतीय टीम मजबूत स्थिति पर पहुंच सकी। 
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टेस्ट के लिए हमेशा तैयार हैं पडिक्कल
बल्ले से उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत गॉल में श्रीलंका के खिलाफ एक यादगार जीत हासिल करने के करीब पहुंच गया है। पडिक्कल ने कहा, मुझे लगता है कि मुझे हमेशा से पता था कि टेस्ट क्रिकेट ही मेरा असली लक्ष्य है। इसलिए, मैंने अपने खेल को इस तरह से ढाला है कि मैं अपनी बुनियादी बातों से बहुत दूर न जाऊं। मैं यह पक्का करने की कोशिश करता हूं कि मैं हमेशा रेड बॉल क्रिकेट के लिए तैयार रहूं, क्योंकि वही मेरी पहली प्राथमिकता है।
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पडिक्कल बोले- प्रारूप में बदलाव करना आसान नहीं
पडिक्कल ने हालांकि, माना कि सफेद गेंद और लाल गेंद प्रारूप के बीच बदलाव करना आसान नहीं रहा है और इसके लिए उन्हें अपने खेल में सावधानीपूर्वक बदलाव करने पड़े हैं। पडिक्कल ने कहा, सीमित ओवर क्रिकेट में मेरा एक खास तरीका है जिससे मैं ज्यादा शॉट्स खेल पाता हूं। आप जानते ही हैं कि अपने हाथों को थोड़ा फ्री रख पाता हूं। लेकिन लाल गेंद प्रारूप के क्रिकेट में यह जरूरी है कि मैं अपने खेल के उस पहलू को थोड़ा और मजबूत करूं। लेकिन साथ ही मानसिक रूप से यह बदलाव लाना भी जरूरी है। जब आप सीमित ओवर प्रारूप से लाल गेंद क्रिकेट में लगातार बदलते रहते हैं तो ऐसा करना आसान नहीं होता। लेकिन मुझे लगता है कि मैंने इसमें सुधार किया है और उम्मीद है कि मैं इसमें और बेहतर करता रहूंगा।

साई सुदर्शन के पैर की अंगुली की चोट से ठीक न हो पाने के कारण पडिक्कल को गॉल टेस्ट में खेलने का मौका मिला। हालांकि, उन्होंने कहा कि भविष्य में उन्हें कितने मैच खेलने को मिलेंगे, इसकी चिंता करने के बजाय उनका ध्यान रन बनाने पर ज्यादा है। पडिक्कल ने कहा, मुझे नहीं लगता कि ऐसी बातचीत (नंबर 3 पर लंबे समय तक खेलने के बारे में) होती है। जरूरी यह है कि जब भी आपको मौका मिले, आप उसे भुना लें। मैं असल में ऐसी बातचीत की तलाश में नहीं रहता। 
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