भारतीय बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन पहली पारी में शतक लगाया। जुरेल ने शतक के बाद अपनी बांह पर बना टैटू दिखाया जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। अब जुरेल ने बताया कि उस टैटू को दिखाने की क्या वजह थी। जुरेल ने इसके साथ ही विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के साथ साझेदारी पर भी बयान दिया।
पंत के साथ साझेदारी पर क्या बोले जुरेल?
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन सोमवार को जुरेल ने नाबाद 115 रन की पारी खेली। एक छोर पर ऋषभ पंत ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में 63 रन बनाये। उनके साथ जुरेल ने 112 रन की साझेदारी की, लेकिन युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ने अपना स्वाभाविक खेल नहीं छोड़ा और अपनी शैली पर भरोसा करते हुए रन जुटाए।
जुरेल ने दिन का खेल खत्म होने के बाद पंत जैसे आक्रामक बल्लेबाज के साथ बल्लेबाजी करने की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर कहा, हम सभी जानते हैं कि पंत कितने शानदार खिलाड़ी हैं और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया तथा इंग्लैंड में भारत के लिए क्या किया है। इसलिए जब वह क्रीज पर होते हैं तो मैं उनसे सलाह लेता हूं, क्योंकि उनके पास काफी अनुभव है। मैं उनसे पूछता रहता हूं कि किसी खास परिस्थिति में मुझे क्या करना चाहिए।
माता-पिता को समर्पित किया शतक
जुरेल ने टेस्ट करियर के दूसरे शतक को अपने माता-पिता को समर्पित किया। जुरेल से जब पूछा गया कि क्या पंत के आक्रामक अंदाज को देखकर उन्हें भी उसी तरह खेलने का मन करता है? तो उन्होंने कहा, आप देख सकते हैं कि टेस्ट क्रिकेट को खेलने की अलग-अलग शैली हो सकती है और यह खेल को बेहतर बनाता है। पंत के साथ खेलना शानदार अनुभव है। मैं उनकी तरह नहीं खेल सकता। वह बचपन से इसी अंदाज में खेलते आए हैं। मेरा ध्यान इस बात पर रहता है कि किस गेंदबाज पर दबाव बनाया जाए और किस स्पेल को संभलकर खेलना है। मैं हमेशा पंत से पूछता हूं, क्योंकि वह विकेटकीपर हैं, मैं भी विकेटकीपर हूं और हम मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हैं। इसलिए यह मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव है।
शतक पूरा करने के बाद जुरेल ने सलामी दी और अपनी बांह पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ का टैटू दिखाया। उन्होंने बताया कि उनके दादा किसान थे और पिता सैनिक रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यही मेरी जड़ें हैं और मैं इन्हें भूलना नहीं चाहता। इसलिए वह सलामी मेरे पिता और दादा के लिए थी।' जुरेल ने दिन के आखिर में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने पंत की फिटनेस पर कहा कि उनके दाएं कंधे पर चोट लगी है और टीम उनकी स्थिति पर करीबी नजर रख रही है। जुरेल ने कहा, आज मैंने विकेटकीपिंग की, क्योंकि उनका कंधा थोड़ा चोटिल था। उम्मीद है कि वह कल तक फिट हो जाएंगे।
जुरेल 99 रन तक बेहद संयमित बल्लेबाजी करने के बाद कुछ समय तक रन निकालने में विफल रहे। उन्होंने अपने दौड़ लगाकर किसी तरह एक रन चुराकर शतक पूरा किया। 25 वर्षीय बल्लेबाज ने इस घटनाक्रम को मजाकिया अंदाज में याद किया। उन्होंने कहा कि 99 रन तक उन्हें आसानी से रन मिल रहे थे, लेकिन उसके बाद गेंदबाज असिता फर्नांडो ने बेहतर लेंथ पर गेंदबाजी शुरू की और श्रीलंकाई क्षेत्ररक्षण भी ज्यादा चुस्त हो गया। फर्नांडो की गेंद पर सीधे बल्ले से शॉट खेलने के बाद जब जुरेल ने गेंद के सामने फील्डर को तेजी से आते देखा तो उन्हें लगा, ओह! मैंने ये क्या कर दिया।