भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 26 दिसंबर से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में सबकी नजरें भारतीय कप्तान विराट कोहली पर होंगी। पिछली बार 2018 में जब टीम इंडिया अफ्रीकी दौरे पर गई थी, तब विराट टेस्ट सीरीज में टॉप स्कोरर रहे थे। इस बार भी उनसे यही उम्मीदें की जा रही हैं। विराट ने पिछली टेस्ट सेंचुरी 2019 में लगाई थी। इसके बाद से वह टेस्ट में 22 पारियां खेल चुके हैं, लेकिन शतक का सूखा अब भी जारी है।
दो शतकों के बीच सबसे लंबा गैप
यह विराट के करियर का दो शतकों के बीच सबसे लंबा गैप है। इस वजह से वह काफी दबाव भी महसूस कर रहे हैं। हाल ही में उन्हें वनडे कप्तानी से भी हटाया गया है। इन सब घटनाओं के बाद विराट अपने परफॉर्मेंस से सबको जवाब देना चाह रहे होंगे। ऐसा नहीं है कि विराट के परफॉर्मेंस से ज्यादा फर्क पड़ा है। टीम इंडिया लगातार इतिहास बनाती जा रही है और विदेशों में मैच भी जीत रही है।
दक्षिण में नहीं जीती टेस्ट सीरीज
इसी साल ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने के बाद टीम ने इंग्लैंड को भी उसके घर में 2-1 से पीछे छोड़ दिया। हालांकि, इस सीरीज का एक टेस्ट खेला जाना अभी बाकी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विराट जब मैदान पर उतरेंगे तो वह साबित करना चाहेंगे कि क्यों वह किंग कोहली हैं। विराट बड़े मैच के खिलाड़ी हैं और उन्हें पता है कि मुश्किल परिस्थितियों में किस तरह स्कोर किया जाता है। भारत ने दक्षिण अफ्रीका में अब तक कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। विराट इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना चाहेंगे।
199 रन दूर हैं विराट कोहली
कोहली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक और रिकॉर्ड बना सकते हैं। वे सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के क्लब में शामिल हो सकते हैं। विराट ने अब तक 97 टेस्ट में 50.65 की औसत से 7801 रन बनाए हैं। वह 8000 रन बनाने से 199 रन पीछे हैं और दक्षिण अफ्रीका के इस उपलब्धि को हासिल करना चाहेंगे। अगर वह 199 रन बनाने में कामयाब रहते हैं, तो वह 8000 रन बनाने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे।
2019 के बाद विराट का फॉर्म हुआ डाउन
इससे पहले सचिन (15,921), द्रविड़ (13,265), सुनील गावस्कर (10,122), वीवीएस लक्ष्मण (8781) और वीरेंद्र सहवाग (8503) यह कारनामा कर चुके हैं। कोहली के नाम टेस्ट में 27 शतक भी हैं। पिछली बार इस फॉर्मेट में शतक उन्होंने नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था। तब ऐसा लग रहा था मानो अगले कुछ सालों में तेंदुलकर की बराबरी कर लेंगे। हालांकि इसके बाद उनकी रफ्तार धीमी पड़ गई।
चार बार शून्य पर आउट हो चुके
कोहली ने 2019 के बाद से पांच अर्धशतक तो लगाए हैं, लेकिन उनके बल्ले से शतक का सूखा जारी है। इस दौरान 22 पारियों में से चार बार कोहली शून्य पर आउट हो चुके और चार बार 10 से कम का स्कोर बनाया है। खिलाड़ियों की जिंदगी में खराब फॉर्म का दौर आता है और विराट जल्द ही इससे बाहर निकल जाएंगे।