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रहाणे और 17 नंबर में है खास संबंध, प्रोटियाज के खिलाफ वाइजैग टेस्ट से पहले कही ये बात

Tue, 01 Oct 2019 08:44 AM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला

सार

-17 टेस्ट मैचों के विंडीज में जड़ा भारतीय उपकप्तान ने शतक
-दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कल से शुरू होने से वाले पहले टेस्ट के लिए तैयार हैं अजिंक्य
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अंजिक्य रहाणे - फोटो : social Media
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विस्तार
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अंजिक्य रहाणे और 17 नंबर के बीच खास कनेक्शन हैं। टेस्ट उपकप्तान 17 टेस्ट तक शतक नहीं जड़ पाए थे लेकिन मध्यक्रम का यह बल्लेबाज अब अच्छी फॉर्म में चल रहा है और अपने लिए इस नंबर को भाग्यशाली मानने लगा है। रहाणे ने वेस्टइंडीज दौरे में एंटीगा में पहले टेस्ट मैच में 81 और 102 रन की पारियां खेलकर फॉर्म में वापसी की थी। 

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रहाणे ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले कहा, 'आपको प्रत्येक मैच और सीरीज से सीख मिलती है। मुझे अपने टेस्ट पदार्पण के लिए दो साल, 17 टेस्ट तक इंतजार करना पड़ा। फिर इस शतक के लिए 17 टेस्ट तक इंतजार किया। मुझे लगता है कि इसमें कुछ संबंध है। जब मैं हैंपशर की तरफ से खेल रहा था तो सोच रहा था कि पदार्पण से पहले मेरी मानसिकता कैसी थी। इन 17 टेस्ट मैचों में मैं शतक नहीं लगा पाया। मैं शतक लगाने के लिए जीतोड़ प्रयास कर रहा था लेकिन मैं वहां तक नहीं पहुंच रहा था। इसलिए वेस्टइंडीज में मैंने फैसला किया कि चाहे कुछ भी हो मैं शतक बनाने के बारे में नहीं सोचूंगा। अगर शतक लगना है तो वह लगेगा।'

 इस 31 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा,‘बाहर से भले ही यह आसान लगे लेकिन मेरे लिए यह खुद की क्षमता पर विश्वास करने से जुड़ा था। मैं तकनीकी बातों पर गौर नहीं कर रहा था। यह सब मुश्किल परिस्थितियों में मानसिकता से जुड़ा मामला था।’
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द. अफ्रीका को हल्के में नहीं लेंगे

दक्षिण अफ्रीका को भले ही एबी डीविलियर्स और डेल स्टेन की सेवाएं नहीं मिलेंगी लेकिन रहाणे ने कहा कि उनकी टीम को हल्के से नहीं लिया जा सकता है। भारत ने चार साल पहले दक्षिण अफ्रीका को 3-0 से करारी शिकस्त दी थी। 

उन्होंने कहा, 'हमें घरेलू सरजमीं पर अभी दक्षिण अफ्रीका (तीन टेस्ट) और बांग्लादेश (दो टेस्ट) के खिलाफ पांच टेस्ट मैच खेलने हैं। टेस्ट चैंपियनशिप के कारण आप किसी भी टीम को हल्के से नहीं ले सकते हैं। यहां तक कि चैंपियनशिप से पहले भी हम किसी टीम को हल्के से नहीं लेते थे और अब जबकि इससे अंक जुड़ गए हैं तो फिर प्रत्येक मैच महत्वपूर्ण बन गया है। अंकों के लिहाज से टेस्ट जीतने और ड्रॉ कराने में बड़ा अंतर है। जब आप घरेलू सीरीज में जीत दर्ज करते हो और फिर विदेश दौरे पर जाते हो तो आपके पास घरेलू सीरीज में हासिल किए गए अंकों का लाभ होता है। इसके अलावा एडन मार्कराम और तेंबा बावुमा ने अभ्यास मैच में अच्छा प्रदर्शन किया जबकि फाफ डुप्लेसिस अनुभवी है। आप उन्हें हल्के से नहीं ले सकते।'
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