भारतीय क्रिकेट टीम ने सेंचुरियन में जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज जीत की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। दूसरा टेस्ट आज से यहां वांडरर्स स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम ने शनिवार को वांडरर्स स्टेडियम में अभ्यास किया। भारतीय टीम के लिए यह मैदान लकी रहा है। 1992 में हुए पहले दौरे से लेकर पिछले तीस वर्षों में भारतीय टीम इस मैदान में अजेय रही है।
जोहानिसबर्ग में आंकड़े क्या कहते हैं
भारतीय टीम तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है अगर दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम जीत हासिल करती है तो तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त के साथ पहली बार सीरीज जीतने का इतिहास भी रच देगी। भारतीय टीम ने इस मैदान में पांच टेस्ट खेले हैं, जिसमें उसे हार नहीं मिली है। वहीं, मेजबान दक्षिण अफ्रीका का रिकॉर्ड इस मैदान पर औसत रहा है। उसने यहां 42 टेस्ट मैच खेले हैं जहां उसे केवल 18 में जीत मिली है।
विराट और पुजारा के लिए लकी है मैदान
यह वह मैदान है जहां भारतीय कप्तान विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने यहां दो-दो मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने क्रमश: 77.50 और 57.25 की औसत 310 और 229 रन बनाए हैं। पुजारा ने वांडरर्स में एक शतक और एक अर्द्धशतक लगाया है।
वहीं, विराट कोहली ने दो शतक और एक अर्द्धशतकीय पारी खेली है। टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ के लिए भी यह मैदान खासा लकी रहा है। द्रविड़ ने यहां दो टेस्ट मैचों में 65.50 की औसत से 262 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्द्धशतक शामिल रहा है।
चौथे तेज गेंदबाज को लेकर दुविधा
भारतीय टीम ने सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट में 113 रन से जीत हासिल की, लेकिन वांडरर्स में होने वाले दूसरे मैच से पहले टीम प्रबंधन चौथे तेज गेंदबाज को लेकर दुविधा में है। वांडरर्स की पिच तेज गेंदबाजों को रास आती है। स्विंग और सीम का दबदबा रहता है और भारत के पास जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज के रूप में बेहतरीन तीन तेज गेंदबाज हैं।
शार्दुल की जगह उमेश को मिल सकता है मौका
चौथे तेज गेंदबाज के रूप में ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर और उमेश यादव के चयन पर फैसला होना है। पिच पर घास नजर आ रही है और ऐसे में उमेश अपनी तेज गति के कारण ज्यादा कारगर हो सकते हैं। उमेश फुलर लैंथ काफी घातक फेंकते हैं। हालांकि कोहली बल्लेबाजी को गहराई देने के लिए ऑलराउंडर चाहते हैं।
अश्विन की जगह विहारी खेल सकते है
एक संभावना तो यह भी जताई जा रही है कि स्पिनरों के जोहानिसबर्ग में ज्यादा प्रभावी न रहने के कारण अश्विन की जगह बल्लेबाजी मजबूत करने के लिए हनुमा विहारी को लिया जा सकता है जो भारत ए के साथ दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भी रहे हैं।
- 2006 में इसी मैदान पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका में हासिल की थी अपनी पहली जीत
- भारतीय कप्तान विराट कोहली को 02 साल से शतक का इंतजार है
पिच पर घास और उछाल
दो दिन पहले पिच पर घास नजर आ रही है और परंपरागत रूप से पिच पर उछाल भी रहता है। पहले दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में यह तेज गेंदबाजों को मदद कर सकती है।