विश्व क्रिकेट की दो महाशक्तियां भारत और पाकिस्तान की टीमें मंगलवार को जब एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उतरेंगी तो पांच वर्ष के लंबे अंतराल के बाद दोनों के बीच मैदान में एक बार फिर वही पुरानी प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी जिसे देखने के लिए हर क्रिकेटप्रेमी बेकरार है।
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के वनडे क्रिकेट से संन्यास की खबरें रविवार को पूरे दिन सुर्खियां में रही जिसके कारण भारत-पाक सीरीज के लिए अभी तक माहौल नहीं बन पाया। दोनों टीमों के बीच वर्ष 2007 के बाद यह पहली द्विपक्षीय सीरीज है। भारत और पाकिस्तान ने टी20 विश्वकप का खिताब जीता है और दोनों को ही इस फटाफट प्रारूप में माहिर माना जाता है।
भारत को हाल में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में हार का सामना करना पडा था जबकि टी20 सीरीज भी बराबरी पर छूटी थी। टीम इंडिया के लिए उसकी गेंदबाजी सबसे बडी चिंता है। टीम में अधिकांश तेज गेंदबाज चोटों से जूझ रहे हैं और यही वजह है कि उसके पास सीमित विकल्प हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ मध्यम तेज गेंदबाजों अशोक डिंडा और परविंदर अवाना ने खासकर दूसरे मैच में जमकर रन लुटाए थे लेकिन उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ टीम में बरकरार रखा गया है। टीम के सबसे अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इंग्लैंड के खिलाफ अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। लेफ्ट आर्म स्पिनर युवराज सिंह ने हालांकि दोनों मैचों में अच्छी गेंदबाजी की।