कोहली ने हालांकि मैच से पहले 'एक्स फैक्टर' (मैच जिताने वाले खिलाड़ी) की बात की थी लिहाजा ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या से उन्हें बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों गैर जिम्मेदाराना तरीके से अपने विकेट गंवा बैठे थे। श्रेयस अय्यर को छोड़कर कोई भारतीय बल्लेबाज जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड की अगुवाई में इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण का सामना नहीं कर सका। पांड्या और पंत विकेट की रफ्तार को भांप नहीं सके और गेंद को मिल रही अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर पाए।
कोहली ने मैच के बाद कहा था, 'इस विकेट पर मनचाहे शॉट नहीं खेल सके। श्रेयस की पारी इस बात का उदाहरण थी कि क्रीज की गहराई का इस्तेमाल कैसे करना है और उछाल से कैसे निपटना है। बाकी बल्लेबाज ऐसा नहीं कर सके। यह खराब बल्लेबाजी थी और हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।' अय्यर के अच्छे प्रदर्शन के बाद सूर्यकुमार यादव को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है और मध्यक्रम में एक ही जगह खाली है।
वैसे कोहली अंतिम एकादश में बदलाव के लिए मशहूर हैं। पहले मैच में तीन स्पिनर्स का दाव उलटा पड़ा था, हो सकता है चहल या अक्षर में से किसी एक की जगह दीपक चाहर को मौका मिल सकता है। शार्दुल ठाकुर और चोट से वापसी कर रहे भुवी ने पिछले मैच में तेंज गेंदबाजी का मोर्चा संभाला था। गेंदबाजों के पास पहले मैच में कुछ था ही नहीं क्योंकि रन बहुत कम बने थे। युजवेंद्र चहल की जगह कल राहुल तेवतिया को भी उतारा जा सकता है जो आक्रामक बल्लेबाजी में भी माहिर है।
भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, नवदीप सैनी, दीपक चाहर, राहुल तेवतिया, इशान किशन (रिजर्व विकेटकीपर)।
इंग्लैंड: इयोन मॉर्गन (कप्तान), जोस बटलर, जेसन रॉय, लियाम लिविंगस्टोन, डेविड मलान, बेन स्टोक्स, मोईन अली, आदिल राशिद, रीस टॉपले, क्रिस जॉर्डन, मार्क वुड, सैम करन, टॉम करन, सैम बिलिंग्स, जॉनी बेयरस्टो और जोफ्रा आर्चर।