लॉर्ड्स में जीत के बाद टीम इंडिया टेस्ट सीरीज जीतने के बेहद करीब पहुंच गई थी लेकिन इसके बाद लगातार 2 मैचों में मिली हार के बाद सब कुछ बदल गया।
5 मैचों की टेस्ट सीरीज के 4 मैच होने के बाद इंग्लैंड ने भारत पर 2-1 की बढ़त बना ली है। मेजबान टीम अब सीरीज में अजेय हो गई है और इस साल पहली बार सीरीज जीतने के बेहद करीब है।
दूसरी ओर, टीम इंडिया के पास सीरीज बचाने का एकमात्र अवसर यही है कि वे इस मैच में जीत हासिल करे। सीरीज का पांचवां मैच इंग्लैंड का द ओवल में शुक्रवार से खेला जाएगा।
इशांत शर्मा की वापसी से बढ़ सकता है मनोबल
महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया के पास पिछले लंबे समय से खराब फॉर्म में चल रही इंग्लैंड को उसी की सरजमीं पर हराने का मौका खत्म हो चुका है। अब भारत के पास एक ही मौका है कि 30 साल बाद पहली बार 5 मैचों की सीरीज को 2-2 से बराबरी पर खत्म कराए।
भारत अगर यह मैच जीत जाता है तो धोनी के लिए काफी राहत भरी होगी। पिछली बार उनकी अगुवाई में टीम सभी चारों मैच हार गई थी। साउथम्प्टन और मैनचेस्टर में टेस्ट मैच हारने के बाद दबाव में आ चुकी भारतीय टीम ने लंबे आराम के बाद बुधवार से नेट पर जमकर अभ्यास किया।
टीम के लिए बड़ी राहत की बात यह है कि उसके सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा फिट होकर नेट पर अभ्यास करने लगे हैं और उनके इस मैच में खेलने की काफी संभावना है।
लॉर्ड्स टेस्ट में टीम इंडिया की जीत के हीरो रहे इशांत शेष टीम के पहुंचने से पहले ही लंदन लौटकर ओवल में जमकर अभ्यास किया। उनके संभावित वापसी से टीम का मनोबल काफी बढ़ा है।
टीम में बने रह सकते हैं गंभीर
सीरीज बचाने के लिए टीम इंडिया ने अभ्यास शुरू कर दिया है और माना जा रहा है कि अंतिम मैच में कप्तान धोनी ज्यादा बदलाव नहीं करेंगे।
धोनी एक बार फिर सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को मौका दे सकते हैं। गंभीर ने भी नेट पर अभ्यास किया। हालांकि लंबे समय बाद टेस्ट टीम में वापसी करने वाले गंभीर पिछले मैच में असफल रहे थे और महज 4 और 18 रन ही बना पाए थे।
अगर धोनी गंभीर को खिलाते हैं तो शिखर धवन की वापसी का रास्ता बंद हो जाएगा। इसके अलावा आलराउंडर रवींद्र जडेजा की जगह स्टुअर्ट बिन्नी को मौका मिल सकता है।
ओवल में 43 साल से है भारत को जीत का इंतजार
लगातार दो टेस्ट हारने वाली टीम इंडिया के लिए ओवल में भी जीत हासिल करना आसान नहीं होगा। भारत पिछले 43 वर्षों से इस मैदान पर जीत हासिल नहीं कर सका है हालांकि इस बीच यहां पर टीम इंडिया 5 मैच ड्रॉ कराने में सफल रही है।
2011 में भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान मेजबान टीम ने धोनी की टीम को एक पारी और 8 रन से हराया था, जबकि उससे पहले भारत ने ओवल में 2007, 2002, 1990, 1982 और 1979 में मैच ड्रॉ खेले थे जबकि 1971 में भारत ने इंग्लैंड को 4 विकेट से पराजित किया था।
भारत को इस मैच में चमत्कारिक प्रदर्शन के लिए अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों मुरली विजय, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली से दमदार प्रदर्शन की आस होगी।
कोहली और पुजारा के पास अंतिम मौका
टीम इंडिया के लिए स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का फ्लॉप होना बड़ा मुसीबत बना हुआ है। वह अब तक सीरीज में खेले अपने 4 मैचों की 8 पारियों में कुल 108 रन ही बना पाए हैं।
कोहली के अलावा मुरली विजय, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा से बेहतर रनों की उम्मीद की जा सकती है। कोहली और पुजारा के पास इस सीरीज में बड़ी पारी खेलने का यह अंतिम अवसर होगा।
ओपनर मुरली ने शुरुआत शानदार तरीके से की थी लेकिन चौथे मैच में वह भी असफल हो गए। उन्होंने पिछले 4 मैचों में भारत की ओर से सर्वाधिक 382 रन बनाए हैं जिसमें 146 रन की एक शतकीय पारी शामिल है। जबकि रहाणे ने इतने ही मैचों में 295 रन बनाए हैं। अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए पुजारा को भी बड़ी पारी खेलनी होगी।
धीरे-धीरे लय में लौटने वाली मेजबान टीम के पास जेम्स एंडरसन के रूप में धुरंधर तेज गेंदबाज तो है ही, साथ ही भारत को फिरकी गेंदबाज मोइन अली का भी सामना करना होगा। मोइन ने पिछले दोनों मैचों में गजब की गेंदबाजी करते हुए भारत की दूसरी पारी ढहाई थी। भारतीय बल्लेबाजों को एंडरसन और मोइन की चुनौती का डटकर सामना करना होगा।
गेंदबाजों को बनाए रखना होगा अपना लय
जहां तक भारतीय गेंदबाजी का सवाल है उसने इस सीरीज में अब तक ढंग की चुनौती पेश की है। इशांत शर्मा पिछले 2 मैचों में नहीं खेले हैं, लेकिन तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अब तक संतोषजनक प्रदर्शन किया है।
भारतीय टीम की ओर से सर्वाधिक विकेट भुवनेश्वर के नाम है जिन्होंने 2 बार 5-5 विकेट लेकर कुल 18 विकेट झटके हैं। जबकि रवींद्र जडेजा ने 4 मैचों में 9 विकेट लिए।
वरुण आरोन ने चौथे मैच में प्रभावशाली गेंदबाजी की और टीम चाहेगी कि वह इस मैच में भी उसी लय से गेंदबाजी करें।
इंग्लिश बल्लेबाजों पर कसना होगा लगाम
इंग्लैंड की ओर से कप्तान एलिस्टर कुक फॉर्म में लौट चुके हैं। शुरुआती 2 मैचों में असफल होने के बाद लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे कुक ने बाद में कुछ अच्छी पारियां खेली।
कैप्टन कुक ने अब तक सीरीज में 95 रनों की पारी सहित 219 रन बनाए, जबकि बल्लेबाजों में गैरी बैलेंस 2 शतकों के साथ 439 रन के साथ सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं।
इन दोनों के अलावा जोई रुट, इयान बेल और जोस बटलर भी भारत के सामने बड़ी चुनौती रख सकते हैं, ऐसे में भारतीय गेंदबाजों को उन पर लगाम कसने की कोशिश करनी होगी। साथ ही पुछल्ले बल्लेबाजों को बड़ी पारी खेलने से रोकना होगा।