टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को चौथे ओवर में मोहम्मद सिराज ने पहला झटका दिया। उन्होंने उस्मान ख्वाजा को विकेटकीपर केएस भरत के हाथों कैच कराया। ख्वाजा खाता भी नहीं खोल सके। दो के स्कोर पर पहला विकेट गिरने के बाद डेविड वॉर्नर ने मार्नस लाबुशेन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी निभाई।
वॉर्नर को लंच से ठीक पहले शार्दुल ठाकुर ने विकेटकीपर भरत के हाथों कैच कराया। वह 60 गेंदों में आठ चौके की मदद से 43 रन बनाकर आउट हुए। लंच तक ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट गंवाकर 73 रन बना लिए थे।
लंच की ठीक बाद मोहम्मद शमी ने मार्नस लाबुशेन को क्लीन बोल्ड किया। वह 62 गेंदों में तीन चौके की मदद से 26 रन बनाकर आउट हुए। 24.1 ओवर में लाबुशेन का विकेट गिरा था। इसके बाद ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ ने जबरदस्त बल्लेबाजी की और पूरे दिन कोई विकेट नहीं गिरने दिया। चायकाल तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर तीन विकेट पर 170 रन था।
ट्रेविस हेड का रिकॉर्ड
हेड ने टेस्ट करियर का छठा शतक पूरा किया, जबकि स्मिथ ने 38वां अर्धशतक लगाया। हेड ने अब तक अपनी पारी में 22 चौके और एक छक्का लगाया है। वहीं, स्मिथ ने अब तक अपनी पारी में 14 चौके लगाए हैं। हेड ने अपनी नाबाद शतकीय पारी के साथ ही टेस्ट फाइनल में खास रिकॉर्ड बना दिया। वह टेस्ट फाइनल में शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले 2021 के टेस्ट फाइनल में भी कोई बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया था। भारत की तरफ से शमी, सिराज और शार्दुल को एक-एक विकेट मिला।
रोहित ने चार तेज गेंदबाज और एक स्पिनर को दिया मौका
कप्तान रोहित शर्मा ने आसमान में बादल छाए रहने के चलते टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। विकेटकीपर के लिए ईशान किशन की जगह केएस भरत को प्लेइंग-11 में मौका मिला, जबकि चार तेज गेंदबाजों शमी, सिराज, शार्दुल और उमेश और एक स्पिनर रविंद्र जडेजा के साथ खेलने का फैसला किया। शुरुआती पहले घंट में सिराज और शमी ने बल्लेबाजों को काफी परेशान किया। इसके बाद दूसरे घंटे से ही धूप खिलने लगी और पिच बल्लेबाजों के लिए आसान होती चली गई।
ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ
- फोटो : ICC/BCCI