इतनी करीबी हार के बाद यह देखना होगा कि टीम प्रबंधन क्या बदलाव करता है क्योंकि टीम का संतुलन प्रभावित हुआ है। पंड्या को बाहर करने से एक बल्लेबाज कम हो जाएगा और कोहली यह जुआ नहीं खेलना चाहेंगे। इस प्रारूप में भारतीय टीम का दबदबा जुलाई 2017 से जारी है लेकिन इस हार ने रणनीतिक तैयारियों पर भी विचार करने का दबाव डाला है।
फील्डिंग में भी करना होगा सुधार
पहले मैच से पूर्व कोहली ने कहा था कि गलतियों पर अंकुश लगाकर निर्णायक क्षणों में दबाव बनाए रखना जरूरी है। ब्रिसबेन में भारतीय टीम फील्डिंग में भी अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। कोहली ने खुद दो बार गलती की। पहले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान फिंच का कैच छोड़ा और बाद में डीप में फील्डिंग में चूक की।
ऑस्ट्रेलिया में मैदान बड़े होने के कारण चौके लगाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। एकमात्र स्पिनर के रूप में एडम जांपा को उतारना ऑस्ट्रेलिया के लिए फायदेमंद रहा। पहले मैच में मिली जीत से अब मेजबान टीम के हौसले बुलंद होंगे। इस सप्ताह मेलबर्न में तूफानी हवायें चलती रही है और इस मैच पर भी बारिश की गाज गिर सकती है।
-178: पारियां नंबर तीन क्रम पर खेली हैं विराट कोहली ने जिनमें उनकी औसत 45 रही है। जबकि नंबर तीन के अलावा उनकी औसत 27 है
-06: मैच जीता है तेइस अंतरराष्ट्रीय मैचों में ऑस्ट्रेलिया मार्च में हुए बॉल टेम्पिरंग प्रकरण के बाद जिनमें तीन जीते जिम्बाब्वे और यूएई के खिलाफ है