नागपुर के विदर्भ क्रिकेट स्टेडियम की पिच का पिछले दो साल का रिकॉर्ड ठीक नहीं रहा है। लेकिन क्यूरेटर प्रवीण हिंगनीकर का मानना है कि मैदान पर जो नई पिच बिछाई गई है उस पिच पर भारत ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार को शानदार मुकाबला होने की संभावना है। इस मैदान पर आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। जिसमें टीम इंडिया मे 350 रन का पीछा करके जीत हासिल की थी।
ये वो दिन थे जब पिचों पर रनों की बारिश होती है लेकिन मैच के आखिरी दौर में पिच लगातार धीमी होती चली जाती है। साल 2015 में आईसीसी ने नागपुर में खेले गए भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट के दौरान खराब रेटिंग दी थी। वह टेस्ट मैच महज 3 दिन में खत्म हो गया था। स्पिनर्स ने उस मैच में कहर ढाया था।
साल 2016 टी-20 विश्वकप के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मैच में टीम इंडिया महज 79 रन पर ढेर हो गई थी। इस मैदान पर आखिरी इंटरनेशनल मैच भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 के रूप में खेला था जिसमें टीम इंडिया ने 144 रन के स्कोर को आसानी से बचा लिया था।
नागपुर के पिच क्यूरेटर ने हालांकि बताया कि हम अपनी पुरानी पहचान फिर से हासिल कर लेंगे। उन्होंने कहा कि पिच में बहुत ज्यादा उछाल नहीं होगा लेकिन उछाल एक समान होगा। दर्शकों के लिहाज से ये एक अच्छी पिच होगी। मेरे हिसाब से हाल के दिनों में इस मैदान पर खेले गए अंतरराष्ट्रीय मैचों की तुलना में इस मैच में ज्यादा रन बरसेंगे। हिंगनीकर ने रविवार के मैच की पिच को एक स्पोर्टिंग पिच बताया है।
पिच की लगातार आलोचना होने के विषय पर उन्होंने कहा कि इसकी वजह से मैं दबाव में नहीं हूं। उन्होंने कहा साल 2015 तक ये मैदान और पिच बहुत अच्छी थी। खासकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साल 2015 के टेस्ट मैच के बाद हम अपेक्षा के अनुरूप पिच नहीं दे सके। लेकिन मार्च में हमने पिच बदल दी है इसके बाद सारा मिजाज बदल गया है। हमने पिच की मिट्टी पूरी तरह बदल दी है हमने विदर्भ के स्थानीय क्षेत्रों से मिट्टी लाकर पिच का निर्माण किया है हमने इस नई पिच पर बहुत से परीक्षण भी किए। रविवार को इस पिच पर एक अच्छा मैच होगा साथ ही ओस का मैच में बेहद कम असर होगा।