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मेलबर्न में दूसरा टी-20 आज, टीम इंडिया कर लो सीरीज मुट्ठी में

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पहला टी-20 जीतने के बाद भारतीय टीम के पास शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा टी-20 जीतकर सीरीज अपने कब्जे में करने का सुनहरा मौका है। पहला टी-20 एडिलेड में 37 रनों से जीतने के बाद भारतीय टीम तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे चल रही है। इस दौरे में पहली बार भारतीय टीम सीरीज में बढ़त लेकर बेहतर स्थिति में नजर आ रही है।
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टीम का मनोबल ऊंचा है क्योंकि ‘ब्लू आर्मी’ वनडे सीरीज में लगातार चार मैचों के बाद लगातार दो जीत हासिल कर चुकी है। वनडे सीरीज का सिडनी में खेला गया पांचवां और अंतिम वनडे जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी लय में नजर आने लगे हैं। भारतीय टीम अगर दूसरा टी-20 मैच जीत लेती है तो उसके पास अंतिम टी-20 मुकाबले में प्रयोग करने का मौका रहेगा। मार्च-अप्रैल में अपनी मेजबानी में होने वाले वर्ल्ड टी-20 से पहले यह बेहतरीन मौका भी है।

गेंदबाजी अब भारत के लिए समस्या नहीं लग रही और बल्लेबाजी क्रम भी तय लग रहा है। अजिंक्य रहाणे हालांकि अभी पूरी तरह से फिट नहीं है। मुंबई के बल्लेबाज ने सिर्फ थ्रो डाउन का अभ्यास किया लिहाजा कप्तान धोनी उन्हें लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहेंगे।
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धोनी ने स्वीकारी थी कुछ समस्याएं अभी भी बाकी

एडिलेड में जीत के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने स्वीकार किया था कि अभी कई समस्याएं हैं लेकिन यह नहीं बताया कि वह क्या हल निकालेंगे। वह उसी एकादश को उतारेंगे जिसमें युवराज और रैना पर फोकस रहेगा। रैना ने एडिलेड ओवल में 34 गेंदों में 41 रन बनाए।

विराट कोहली के आक्रामक प्रदर्शन से भारतीय टीम को अंतिम ओवरों में दिक्कत नहीं आई। रैना ने सहयोगी की भूमिका बखूबी निभाई। धोनी टी-20 मैचों में दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन पसंद करते हैं। रैना को पहले टी-20 में मौका मिला तो दूसरे में युवराज को पहले उतारा जा सकता है। युवराज ने पिछले मैच में पूरे 20 ओवर फील्डिंग की और एक ओवर गेंदबाजी भी की।
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अंतिम एकादश को लेकर उधेड़बुन जारी

अंतिम एकादश के संयोजन को लेकर भारतीय टीम अभी उधेड़बुन में लगी है। टीम प्रबंधन वनडे सीरीज से प्रयोगों में लगा है। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अतिरिक्त स्पिनर को न चुनकर गुरकीरत मान और ऋषि धवन को शामिल किया। हालांकि यह बदलाव टीम को अपेक्षित नतीजे नहीं दिला पाया।

टी-20 में युवराज सिंह और सुरेश रैना को चुना जाना तय था जिससे गेंदबाजी के विकल्प बढ़े। रविचंद्रन अश्विन ने भी टी-20 में वापसी की और युवा जसप्रीत बुमराह ने पहले ही टी-20 में प्रभाव छोड़ा।

ऑस्ट्रेलियाई टीम सीजन में पहली बार दबाव में
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस सीजन में पहली बार दबाव में होगी। इस सीरीज से पहले उसने न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज को अलग-अलग प्रारूपों में हराया था। भारत को भी उसने वनडे सीरीज में मात दी हालांकि कुछ मैच नजदीकी थे।

ऑस्ट्रेलियाई टीम टी-20 में टेस्ट और वनडे वाले प्रदर्शन को नहीं दोहरा सकी है। पांच दिनी प्रारूप में रैंकिंग में लगातार शीर्ष पर रहने वाली और वनडे में पांच विश्व कप जीतने वाली टीम का टी-20 में रिकॉर्ड ख्रराब रहा है। ग्लेन मैक्सवेल की वापसी से टीम मजबूत हुई है लेकिन कप्तान ऐरोन फिंच को कई क्षेत्रों में सुधार करना है।
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