बीसीसीआई के मुख्य पिच क्यूरेटर दलजीत सिंह का पद खतरे में आ गया है। आईसीसी ने अपनी एक रिपोर्ट देते हुए पुणे में बनी पिच को खराब बताया था। इसी के साथ पिच क्यूरेटर दलजीत सिंह का पद समीक्षा के दायरे में आ गया है और उनके पद पर खतरा मंडरा रहा है।
मालूम हो कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट पुणे में 23 फरवरी को खेला गया। मैच तीन दिन के अंदर खत्म हो गया था और भारत को इस मैच में 333 रन से हार का सामना करना पड़ा।
आईसीसी मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने अपनी रिपोर्ट में इस पिच को खराब करार दिया। पिच को खराब बताने के बाद इस पर अब और विवाद गहरा गया है। मैच शुरू होने से पहले पिच रिपोर्ट के समय पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री और शेन वॉर्न ने भी इसकी आलोचना की थी।
बता दें कि बीते 14 माह के भीतर आईसीसी ने दो बार पिच को खराब स्तर का बताया। माना जा रहा है कि इसके बाद अब मुख्य पिच क्यूरेटर दलजीत सिंह पर गाज गिरना तय है। पुणे पिच मामले में बीसीसीआई को 14 दिनों के भीतर आईसीसी को जवाब देना है।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए गए बयान में कहा कि 'अगर टीम मैनेजमेंट से निर्देश मिले भी थे तब भी दलजीत उसे अनदेखा कर सकते थे। अगर क्यूरेटर झुकना नहीं चाहता है तो उस पर दबाव नहीं डाल सकता।
बीसीसीआई के अधिकारी ने कहा कि दलजीत का एक के बाद दूसरा डिजाइनर ट्रैक देने का इतिहास रहा है वहीं वे टीम की मांग पर झ़ुकते रहे हैं। कमिटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (सीओए) इस मामले की जांच कर सकती है।'