भारतीय कप्तान विराट कोहली हालिया टेस्ट सीरीज की शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के निशाने पर रहे हैं। मैच खत्म होने के बाद भी ये सिलसिला जारी है। अब उन पर ऑस्ट्रेलियाई अखबारों ने निशाना साधा है। अखबारों ने टेस्ट मैच के अंत में विराट कोहली के व्यवहार को क्लासलेस और बचकाना करार दिया है।
अखबारों में कहा गया है कि भारतीय कप्तान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को दोस्त के तौर पर नहीं देखते है। बता दें कि मैच के बाद हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में विराट कोहली ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अब दोस्ताना व्यवहार नहीं रहेगा।
उन्होंने ये भी कहा था कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के व्यवहार की वजह से जो मतभेद पैदा हुए हैं उसका असर आईपीएल के मैच के दौरान भी दिख सकता है।
सिडनी के अखबार टेलीग्राफ ने हेडलाइन में लिखा है कि बेशक श्रृंखला में जीत के बाद विराट कोहली ने हाथ मिलाएं लेकिन उनकी हरकतें किसी बच्चे की तरह ही थीं। ऑस्ट्रेलियाई अखबार की एक दूसरी हेडलाइन में लिखा गया बीयरगेट: कोहली का हालिया क्लासलेस एक्ट।
ऑस्ट्रेलिया के पीटर लालेर ने लिखा कि अगर ऑस्ट्रेलिया और भारत की टीम के बीच खराब भावना का संदेह था भी तो श्रृंखला के बाद इस बात की पुष्टि हो गई। जब भारतीय टीम ने एक साथ पार्टी के ऑफर को ठुकरा दिया।
अखबारों में कोहली के व्यवहार की तुलना स्टीव स्मिथ से भी की गई। स्मिथ ने मुरली विजय के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। हालांकि स्मिथ ने बाद में अपने व्यवहार पर माफी मांग ली थी। हेराल्ड सन के पत्रकार रुसेल गल्ड ने लिखा है कि स्टीव स्मिथ की तरह विराट कोहली को भी माफी मांग लेना चाहिए।
टेस्ट सीरीज के दौरान कोहली बार-बार ऑस्ट्रेलियाई मीडिया द्वारा निशाना बनाए गए। पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क को इस पर कहना पड़ा कि कोहली की आलोचना नियंत्रण से बाहर हो रही है।
मंगलवार को हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब कोहली से ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की ओर से निशाना बनाए जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इससे फर्क नहीं पड़ता। कुछ लोगों का मकसद होता है सनसनी फैलाना, किसी पर बोलना या लिखना आसान होता है, लेकिन मैदान में उतरकर खेलना काफी मुश्किल है।