टीम इंडिया की नई बैटिंग सनसनी बनकर उभरे हार्दिक पांड्या को उनकी बल्लेबाजी के आक्रामक अंदाज के लिए जाना जाता है। हार्दिक जब भी बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरते हैं वो उनके बल्ले से निकले लंबे लंबे छक्कों का लुत्फ दर्शक उठाते हैं। पांड्या ने अपने आक्रामक रुख की झलक एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिखाई। पहले तो पांड्या ने महेंद्र सिंह धोनी के साथ साझेदारी कर टीम को परेशानी से निकाला। जब वह बल्लेबाजी करने उतरे थे तब टीम इंडिया ने 87 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे।
रविवार को पहले तो हार्दिक ने सधी हुई बल्लेबाजी करते हुए 48 गेंद पर 50 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 3 चौके और 2 छक्के जड़े थे। लेकिन इसके बाद उन्होंन गियर बदला और लेग स्पिनर एडम जम्पा को अपना शिकार बनाया। पारी के 37वें ओवर में पांड्या ने पांच गेंदों में 23 रन जड़ दिए। ओवर की पहली गेंद खेलकर धोनी ने पांड्या को स्ट्राइक दे दी। इसके बाद पांड्या ने दूसरी गेंद पर चौका जड़ा। इसके बाद तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद पर हार्दिक ने छक्कों की हैट्रिक जड़ दी।
पांड्या के छोटे से करियर में यह चौथा मौका है जब उन्होंने किसी गेंदबाज के एक ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े हैं। ये चारों मौके चैंपियंस ट्रॉफी से लेकर आज के मैच तक आए हैं। ऐसा लगता है छक्कों की हैट्रिक पूरी करना उनकी आदत में शुमार हो गया है।
इससे पहले हार्दिक ने पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी में दो बार ये कारनामा किया था। 4 जून को खेले गए लीग मैच में हार्दिक ने पाकिस्तानी गेंदबाज इमाद वसीम की गेंद पर लगातार तीन छक्के जड़े थे। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पांड्या ने शादाब खान की गेंदों पर लगातार तीन छक्के लगाए थे। श्रीलंका दौरे पर टेस्ट डेब्यू करने का जश्न भी पांड्या ने इसी अंदाज में मनाया था। कोलंबो में खेले करियर के दूसरे टेस्ट में शतकीय पारी के दौरान पांड्या ने श्रीलंकाई गेंदबाज पुष्पकुमारा की गेंद पर तीन गेंद में तीन छक्के लगाए थे। यह उनके करियर का पहला टेस्ट शतक था।