भारतीय टीम के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने 14 वर्षों बाद हरियाणा टीम से अपनी राहें अलग कर ली हैं और वह आगामी घरेलू सत्र गुजरात के लिए खेलेंगे। हर्षल ने तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और वह प्री सीजन अभ्यास के लिए उपलब्ध रहेंगे जिसमें इस महीने सौराष्ट्र और बड़ौदा के साथ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज शामिल है। हर्षल 2008-09 में गुजरात के लिए लिस्ट ए डेब्यू कर चुके हैं, लेकिन वह 2010 में हरियाणा टीम से जुड़े थे।
हरियाणा के लिए प्रथम श्रेणी में किया था डेब्यू
हर्षल ने 2011-12 सीजन में हरियाणा के लिए प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया। उन्होंने 74 मैचों में 24.02 के औसत से 246 विकेट लिए जिसमें 12 बार एक पारी में पांच विकेट लेना शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा को सफेद गेंद के प्रारूपों में एक मजबूत टीम बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, और वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2023-24 में अपना पहला विजय हजारे ट्रॉफी खिताब जीता था।
हर्षल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के हवाले से कहा, 2010-11 से लेकर अंडर-19 के दिनों तक, मेरा लगभग पूरा पेशेवर करियर हरियाणा के साथ रहा है। मैं उनका बहुत आभारी हूं। अगर 18 साल की उम्र में हरियाणा आना मेरे लिए कारगर नहीं होता, तो शायद मैं अमेरिका चला जाता और भारत में क्रिकेट नहीं खेल पाता। लंबे समय तक परिवार से दूर रहना मेरे लिए मुश्किल होता जा रहा था। इसलिए मैं वापस आना चाहता था और देखना चाहता था कि क्या मैं अपना करियर यहीं खत्म कर सकता हूं। खुशी है कि मुझे ऐसा करने का मौका मिला।
हर्षल पिछले दो सीजन से नियमित रूप से प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने इस दौरान सिर्फ सात लाल गेंद के मैच खेले हैं। लेकिन आगे की बात करें तो, वह अपने शरीर की स्थिति से खउश हैं और अगर उन्हें चुना जाता है तो फिर से कड़ी मेहनत करने के लिए उत्सुक हैं। हर्षल आईपीएल में नियमित रूप से खेलते हैं और उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के साथ एक शानदार सीजन बिताया है। हर्षल ने 13 मैचों में 9.80 की इकॉनमी रेट से 16 विकेट लिए।