भारत की खिताबी जीत के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भारतीय प्रशंसकों को धन्यवाद दिया है। गंभीर ने इन फैंस की सराहना की है और टी20 विश्व कप की जीत का श्रेय देने से भी पीछे नहीं हटे हैं।
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टी20 विश्व कप की खिताबी जीत का श्रेय करोड़ों प्रशंसकों को भी दिया है, जिन्होंने हर कदम पर टीम का साथ दिया। भारत ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराया। भारत एकमात्र देश है जिसने इस टूर्नामेंट के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया है।
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भारत तीसरी बार बना टी20 का चैंपियन
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत के 255 रन के जवाब में न्यूजीलैंड 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्वकप का खिताब जीता है। इससे पहले टीम 2007 में पहले संस्करण और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में खिताब जीती थी। सूर्यकुमार यादव का भी नाम विश्व विजेता कप्तानों में शुमार हो गया है। अहमदाबाद में साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया से वनडे विश्वकप में हार के बाद कई बातें कही गई थीं, लेकिन अब टीम इंडिया ने चैंपियन बनते हुए इतिहास दोहराया भी, हराया भी और नया इतिहास भी रच दिया।
भारत की खिताबी जीत के बाद गंभीर ने एक्स पर लिखा, 'ये सिर्फ भगवान का प्लान नहीं था, बल्कि ये 140 करोड़ भारतीयों का प्लान भी था। हर एक खिलाड़ी विश्व चैंपियन है।' गंभीर ने इस तरह भारतीय प्रशंसकों को भी उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
इन तीन लोगों को दिया जीत का श्रेय
गंभीर ने खिताबी जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गंभीर ने इस दौरान राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर को जीत का श्रेय दिया था। गंभीर ने कहा था, सबसे पहले मुझे लगता है कि मुझे यह ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और फिर लक्ष्मण को समर्पित करनी चाहिए, क्योंकि राहुल ने भारतीय क्रिकेट को इतनी अच्छी हालत में रखने के लिए जो कुछ किया है, मुझे उनके समय में किए गए हर काम के लिए उन्हें धन्यवाद देना होगा। फिर वीवीएस लक्ष्मण जिन्होंने बिना किसी शर्त के भारतीय क्रिकेट के लिए इतना कुछ किया, विशेषकर बंद दरवाजों के पीछे क्योंकि सीओई भारतीय क्रिकेट के लिए पाइपलाइन बना हुआ है।
टीम तैयार करने में चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर के असर की भी गंभीर ने सराहना की। उन्होंने कहा, उन्हें बहुत बुराई झेलनी पड़ती है और उन्होंने जितनी ईमानदारी से काम किया है वह काबिले तारीफ है।