बीसीसीआई ने महिला क्रिकेटरों की सैलरी बढ़ाकर पुरुषों के बराबर जरूर कर दी है, लेकिन अभी भी महिला क्रिकेटरों को सही तरीके से कोचिंग नहीं दा जा रही है। इसका असर मैच के नतीजों पर भी दिख रहा है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम के बीच टी20 सीरीज में टीम इंडिया 2-1 से पिछड़ रही है। इस सीरीज के दूसरे मैच में भारत ने सुपर ओवर में जीत हासिल की थी। लगभग 45,000 दर्शक यह मैच देखने पहुंचे थे। ऐसे में भारत की शानदार जीत कई वजहों से चर्चा में रही थी। इस मैच पर काफी चर्चा हुई। ऐसा कहा गया कि अब भारत में महिला क्रिकेट की सूरत बदलने वाली है, लेकिन अब महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत ने सच्चाई सबके सामने रखी है।
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हरमनप्रीत कौर ने बताया है कि महिला टीम के पास गेंदबाजी कोच नहीं है और खिलाड़ियों को गेंदबाजी कोच की कमी खल रही है। इसके साथ ही उन्होंने अपने गेंदबाजों की तारीफ की, जो मुश्किल हालातों में अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही हैं और मैच जीतने के लिए अपना सब कुछ झोंक रही हैं।
भारत के पास फिलहाल कोई गेंदबाजी कोच नहीं है, क्योंकि रमेश पोवार को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में भेज दिया गया है और ऋषिकेश कानिटकर को टीम का बल्लेबाजी कोच बनाया गया है। दक्षिण अफ्रीका में टी20 विश्व कप से दो महीने पहले ये बदलाव भारतीय टीम पर भारी पड़ सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज भारतीय टीम की तैयारियों का हिस्सा है। भारत सीरीज का तीसरा मैच बुधवार को 21 रन से हार गया।
हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, "मुझे पता है कि हमें निश्चित रूप से एक गेंदबाजी कोच की कमी खल रही है, लेकिन हमारी गेंदबाज जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वे मीटिंग करती है और पूरी जिम्मेदारी ले रही हैं। आज उन सभी ने प्लान बनाए थे और उस पर अमल कर रहे थे। मैं बस बीच में उनका समर्थन कर रही थी। भारतीय टीम ने पिछले तीन टी20 मैच में हर बार 170 से ज्यादा रन दिए हैं।
तेज गेंदबाज पूजा वस्त्राकर ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले चोटिल हो गई थीं और इससे भारत की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हरमनप्रीत ने कहा, "हमें निश्चित रूप से पूजा की कमी खल रही है। इन पिचों पर आपको एक मध्यम तेज गेंदबाज की जरूरत है। जब आप लगातार स्पिन गेंदबाजों से गेंदबाजी कराते हैं को विपक्षी टीम को आसानी होती है। हमें पूजा की कमी खल रही है, क्योंकि उनके पास डेथ ओवरों में गेंदबाजी का अनुभव है। हमनें दो मैचों मेघना को आजमाया, लेकिन उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया।
पूजा की अनुपस्थिति में एक साल पहले अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाली रेणुका सिंह तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई कर रही हैं। उनके पास सिर्फ 30 मैच का अनुभव है।
हरमनप्रीत ने कहा, "रेणुका के पास अनुभव है क्योंकि उन्होंने पिछले छह-सात महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है और उन्हें अच्छे परिणाम मिले हैं। जब भी हम तेज गेंदबाजों के लिए योजना बनाते हैं तो वह आगे रहती हैं और हमारे वीडियो विश्लेषक हमें बहुत सारी जानकारी देते हैं। 'स्पिन गेंदबाजों की बात करें तो दीप्ति, राधा, राजेश्वरी जैसे लगभग सभी स्पिनरों ने काफी टी20 क्रिकेट खेली है।"
भारत ने सीरीज में बाएं हाथ की तेज गेंदबाज अंजलि सरवानी को भी मौका दिया। पहले टी20 मैच में वह कोई विकेट नहीं ले पाईं, लेकिन तीसरे मैच में उन्होंने दो विकेट निकाले। ऑस्ट्रेलिया पहले चार ओवरों में दो विकेट पर 26 रन ही बना सका, जिसमें सरवानी और रेणुका ने मिलकर गेंदबाजी की।
इस पर भारतीय कप्तान ने कहा "जिस तरह से हमने पावरप्ले में गेंदबाजी की, विशेष रूप से रेणुका और अंजलि ने शानदार काम किया। वे गेंद को स्विंग करा रहे थे और योजना के अनुसार गेंदबाजी कर रहे थे। वे बल्लेबाजों को आसानी से रन नहीं दे रहे थे।"