भारत का पहले दिन सर्वश्रेष्ठ स्कोर
359/3 इंग्लैंड में किसी टेस्ट के पहले दिन भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। वहीं, 2003 के बाद भारत के अलावा किसी मेहमान टीम ने इंग्लैंड में पहले दिन 350 का आंकड़ा पार नहीं किया है। 2003 में पिछली बार किसी मेहमान टीम ने इस आंकड़े को पार किया था। तब दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट के पहले दिन चार विकेट गंवाकर 362 रन बनाए थे। यह भारत का किसी विदेशी दौरे पर टेस्ट के पहले दिन तीसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। इससे पहले टीम इंडिया ने 2017 में गॉल टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ पहले दिन 399/3 और 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ब्लोमफोंटेन टेस्ट के पहले दिन 372/7 का स्कोर बनाया था।
विदेश में टेस्ट के पहले दिन भारत के सबसे बड़े स्कोर
| रन |
विपक्षी टीम |
स्थान |
वर्ष |
| 399/3 |
श्रीलंका |
गॉल |
2017 |
| 372/7 |
दक्षिण अफ्रीका |
ब्लोमफोंटेन |
2001 |
| 359/3 |
इंग्लैंड |
हेडिंग्ले |
2025 |
| 356/2 |
पाकिस्तान |
मुल्तान |
2004 |
| 302/4 |
वेस्टइंडीज |
नॉर्थ साउंड |
2016 |
यशस्वी इंग्लैंड में शतक लगाने वाले दूसरे सबसे युवा भारतीय
यशस्वी जायसवाल ने विदेशी जमीन पर तीन टेस्ट शतक बनाए हैं। उन्होंने 2023 में रोसेउ में 171, 2024 में पर्थ में 161 और अब लीड्स में 101 रन बनाए। तीनों शतक इन देशों में उनके पहले टेस्ट में आए हैं। यशस्वी से पहले वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में किसी अन्य खिलाड़ी ने अपने पहले टेस्ट में शतक नहीं लगाए हैं। इतना ही नहीं, यशस्वी इंग्लैंड में टेस्ट शतक जड़ने वाले दूसरे सबसे युवा भारतीय भी हैं। जब उन्होंने लीड्स में शतक लगाया तो उनकी उम्र 23 वर्ष 174 दिन की रही। सिर्फ सैयद मुश्ताक अली ने उनसे कम उम्र में इंग्लैंड में टेस्ट शतक बनाया था। 1936 में ओल्ड ट्रैफर्ड में जब सैयद मुश्ताक ने 112 रन बनाए थे, तब उनकी उम्र 21 वर्ष और 221 दिन थी।
इंग्लैंड में टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीय
| खिलाड़ी |
उम्र |
साल |
| सैयद मुश्ताक अली |
21 वर्ष 221 दिन |
1936 |
| यशस्वी जायसवाल |
23 वर्ष 174 दिन |
2025 |
| वीरेंद्र सहवाग |
23 वर्ष 292 दिन |
2002 |
| विजय मर्चेंट |
24 वर्ष 287 दिन |
1936 |
विदेशी दौरे के पहले दिन दो भारतीय बल्लेबाजों के शतक
ऐसा तीसरी बार हुआ है, जब किसी विदेशी दौरे पर पहले दिन भारत के दो बल्लबाजों ने शतक जड़ा हो। यशस्वी और गिल से पहले दो और बार ऐसा हुआ है। सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग ने 2001 में ब्लोमफोंटेन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट के पहले दिन शतक लगाए थे। वहीं, 2017 में शिखर धवन और चेतेश्वर पुजारा ने गॉल में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट के पहले दिन शतक लगाए थे।
| बल्लेबाज |
खिलाफ |
जगह |
साल |
| तेंदुलकर-सहवाग |
दक्षिण अफ्रीका |
ब्लोमफोंटेन |
2001 |
| धवन-पुजारा |
श्रीलंका |
गॉल |
2017 |
| यशस्वी-गिल |
इंग्लैंड |
हेडिंग्ले |
2025 |
सुदर्शन ने शून्य पर आउट होकर भी बनाया अनचाहा रिकॉर्ड
साई सुदर्शन डेब्यू टेस्ट में नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए शून्य पर आउट होने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। साई सुदर्शन समेत केवल छह भारतीय ही अपने डेब्यू टेस्ट में शीर्ष तीन में बल्लेबाजी करते हुए शून्य पर आउट हुए हैं। उनसे पहले देवांग गांधी (1999 vs न्यूजीलैंड), के श्रीकांत (1981 vs इंग्लैंड), केएस इंद्रजीतसिंहजी (1964 vs ऑस्ट्रेलिया), दत्ता गायकवाड़ (1952 vs इंग्लैंड) और मधुसुदन रेगे (1949 vs वेस्टइंडीज) ने ऐसा किया था। हालांकि, सुदर्शन को छोड़कर बाकी सभी पहले या दूसरे स्थान पर बल्लेबाजी के लिए आए थे। इस मैच में उतरने से पहले साई सुदर्शन का प्रथम श्रेणी औसत 39.93 था, जो 1990 के बाद से भारत के लिए टेस्ट डेब्यू पर किसी विशेषज्ञ बल्लेबाज के लिए सबसे कम रहा। ऋद्धिमान साहा ने 35.59 के प्रथम श्रेणी औसत के साथ बल्लेबाज के रूप में अपना टेस्ट डेब्यू किया था, लेकिन वह मुख्य रूप से विकेटकीपर थे।
इंग्लैंड में डेब्यू टेस्ट पारी में शून्य पर आउट होने वाले भारतीय खिलाड़ी
| खिलाड़ी |
खिलाफ |
स्थान |
साल |
| चंदू सरवटे |
इंग्लैंड |
मैनचेस्टर |
1946 |
| गुलाबराय रामचंद |
इंग्लैंड |
लीड्स |
1952 |
| पार्थिव पटेल |
इंग्लैंड |
नॉटिंघम |
2002 |
| साई सुदर्शन |
इंग्लैंड |
लीड्स |
2025 |