ईडन गार्डंस में पहले दिन से स्पिन लेने वाले विकेट को लेकर बवाल था। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी शुरुआत से ही टर्न होने वाले ट्रैक पर खेलना चाहते थे, लेकिन भारतीय बल्लेबाज ईडन की आसान पिच पर स्पिन तो क्या तेज गेंदबाजी खेलने में भी असहज दिखे। मेहमान टीम के गेंदबाज अपने शानदार प्रदर्शन से पहला दिन अपने नाम करने में सफल रहे जबकि भारतीय बल्लेबाजों को खराब शॉट खेलने का खामियाजा भुगतना पड़ा।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय बल्लेबाज जेम्स एंडरसन की तेज गेंदबाजी और मोंटी पनेसर की स्पिन के आगे लड़खड़ा गए। आलोचनाओं में घिरे सचिन तेंदुलकर ने जुझारू पारी खेलते हुए 76 रन बनाए, लेकिन पहले दिन स्टंप तक भारत ने 273 रन पर सात विकेट गंवा दिए। टीम को बड़े स्कोर तक ले जाने की जिम्मेदारी अब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के कंधों पर है जो 59 गेंदों में दो चौकों के साथ 22 रन बनाकर क्रीज पर जहीर खान के साथ टिके थे।
भारत के लिए सचिन की अर्धशतकीय पारी राहत भरी रही। पिछले दो टेस्ट मैचों में बेहद खराब प्रदर्शन करने वाले सचिन ने यहां 155 गेंदों में 13 चौकों के साथ 76 रन की पारी खेली। इस बीच उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 34 हजार रन भी पूरे किए। मुंबई टेस्ट की दूसरी पारी में पचासा जड़ने वाले ओपनर गौतम गंभीर ने भी अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 124 गेंदों में 12 चौकों के साथ 60 रन बनाए।
धोनी ने लगातार तीसरी बार टॉस जीता। गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की ओपनिंग जोड़ी उस वक्त टूटी ये दोनों 47 रन जोड़ने के बाद सेट होते दिख रहे थे। अपनी गलती से सहवाग (23) को रनआउट होकर पेवेलियन लौटना पड़ा। जल्द ही चेतेश्वर पुजारा (16) पनेसर और विराट कोहली (06) एंडरसन का शिकार बने। दूसरे छोर पर टिके गंभीर भी पचासा जड़ने के बाद पनेसर की गेंद पर आउट हो गए। 136 रन पर चार विकेट गिरने के बाद सचिन और युवराज ने पांचवें विकेट के लिए 79 रन जोड़े।
युवराज 54 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के के साथ 32 रन बनाकर स्वान की गेंद पर कुक को कैच थमा बैठे।
टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन में फ्लू से पीड़ित हरभजन सिंह के स्थान पर इशांत शर्मा को शामिल किया गया। इंग्लैंड ने मीडियम पेसर स्टुअर्ट ब्रोड और बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो के स्थान पर स्टीवन फिन और इयान बेल को जगह दी।