भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम ने दूसरी बार टी-20 विश्वकप खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान टीम को नौ विकेट से हराया और लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 197 रन का मजबूत स्कोर बनाया लेकिन भारतीय टीम ने इसे भी बौना साबित करते हुए मात्र एक विकेट खोकर 18वें ओवर में ही जीत अपने नाम कर ली। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और नौ में से आठ मुकाबलों में जीत दर्ज की। वहीं पाकिस्तान को फाइनल में मिली पराजय टूर्नामेंट की एकमात्र हार रही।
इससे पहले दोनों टीमों के बीच 2012 के फाइनल में भिड़ंत हुई थी जिसमें भारत ने बाजी मारी थी। यह जीत भारत के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि उसे पाक टीम ने मौजूदा संस्करण के लीग चरण में हरा दिया था। भारतीय खिलाड़ियों ने उस हार का बदला भी खिताबी जीत के साथ चुकाया।
198 रन के मजबूत लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की ओर से प्रकाश जयरमैया ने नाबाद 99 रन की उम्दा पारी खेली। उन्होंने 60 गेंदों की अपनी नाबाद पारी में 15 चौके जड़े। अजय कुमार रेड्डी 43 रन बनाकर रन आउट हुए। भारतीय टीम ने 17.4 ओवर में एक विकेट पर 200 रन बनाकर जीत हासिल की। प्रकाश को उनकी शानदार मैच विजयी पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। इससे पहले पाक टीम ने बदर मुनीर (57) के दमदार अर्द्धशतक की मदद से 197 रन बनाए।