भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे टेस्ट मैच को दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच जमकर नोक झोंक हुई। मैच की तीसरी पारी में अफ्रीकी टीम ने ऋषभ पंत के ऊपर जमकर छींटाकशी की और एक रणनीति के तहत उन्हें आउट किया। इसके बाद पंत ने भी चौथी पारी में अफ्रीकी खिलाड़ियों पर जमकर टिप्पणी की। हालांकि अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और वो कोई गलत शॉट खेलकर आउट नहीं हुए।
पंत के क्रीज में आते ही शुरू हुई कहानी
इस मैच में तीसरे दिन ऋषभ पंत भारत की दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए आए तो अफ्रीकी टीम पहले से ही उनके खिलाफ तैयारी करके आई थी। दक्षिण अफ्रीका के वान डर डुसें ने पंत के ऊपर टिप्पणी की और उन्हें उस कैच की याद दिलाई, जिसमें यह साफ नहीं था कि गेंद जमीन पर लगकर पंत के दस्तानों में गई है या यह कैच साफ है। पंत ने भी इसका जवाब दिया। इसके बाद रबाडा ने अगली गेंद बाउंसर फेंकी और पंत को उकसाया।
ऋषभ पंत अफ्रीकी टीम के जाल में फंस गए और तीसरी गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर शॉट खेलने की कोशिश की। रबाडा इसी के इंतजार में थे। उन्होंने गेंद पंत से दूर रखी और पंत के बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए गेंद विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई। इसके बाद पंत काफी निराश नजर आए और उन्हें यह एहसास हुआ कि अफ्रीकी टीम ने जाल बिछाकर उन्हें आउट किया है।
डीन एल्गर से पंत ने लिया बदला
इसके बाद मैच की चौथी पारी में जब अफ्रीकी टीम बल्लेबाजी कर रही थी तब पंत ने डीन एल्गर के साथ अपना बदला पूरा किया। अश्विन की गेंद पर पीटरसन को आउट दिए जाने के बाद एल्गर ने उन्हें रिव्यू न लेने की सलाह दी थी। इसके बाद पंत ने एल्गर से कहा कि आप बहुत ही बेहतरीन कप्तान हैं, सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। हालांकि पंत ने यह बात हिंदी में कही थी और शायद ही एल्गर को इसमें से कुछ समझ में आया हो। इसी वजह से एल्गर ने जवाब में कुछ नहीं कहा और न ही पंत की तरह गलत शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाया। चौथे दिन खत्म होना तय है। चौथे दिन मौसम भारत की मदद कर सकता है। अगर आसमान पर बादल आते हैं तो टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह मैच रोमांचक हो चुका है। अफ्रीकी टीम को जीत के लिए चौथी पारी में 122 रन की जरूरत है। वहीं भारत को जीत के लिए आठ विकेट लेने होंगे। इस मैच की दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाज 40 ओवर की गेंदबाजी कर चुके हैं, लेकिन अब तक सिर्फ दो विकेट ही ले पाए हैं। मैच के चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों को कमाल करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो टीम इंडिया को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा सकता है। जोहानिसबर्ग में भारत अब तक कोई टेस्ट नहीं हारा है।