बारिश के कारण लगभग दो घंटे की देरी से शुरू हुए महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शतकीय साझेदारी से भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। लेकिन टीम के बाकी बल्लेबाज इसे भुनाने में नाकाम रहे और बड़ा स्कोर बनाने का लक्ष्य लेकर उतरी टीम को सात विकेट पर 298 रनों से ही संतोष करना पड़ा। बता दें कि, भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमों के बीच आज महिला विश्व कप का खिताबी मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम पर खेला जा रहा है। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर मेजबानों को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया।
मंधाना-शेफाली
- फोटो : pti-bcci
मंधाना-शेफाली ने रखी नींव
भारत की शुरुआत शानदार रही। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (45) और शेफाली वर्मा (87) ने पहले विकेट के लिए 104 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत आधार दिया। शेफाली ने आक्रामक अंदाज में सात चौकों और दो छक्कों की मदद से तेज 87 रन बनाए, जबकि मंधाना ने धैर्यपूर्ण पारी खेलते हुए 58 गेंदों में आठ चौके जड़े।
जेमिमा-हरमनप्रीत
- फोटो : ANI
मध्यक्रम के कदम लड़खड़ाए
हालांकि, इस मजबूत शुरुआत को मध्यक्रम संभाल नहीं सका। जेमिमा रॉड्रिग्स (24), हरमनप्रीत कौर (20) और अमनजोत कौर (12) बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। नतीजतन, भारत 350 के संभावित स्कोर से फिसलकर 300 से नीचे रुक गया।
दीप्ति शर्मा
- फोटो : BCCI Women-x
दीप्ति ने संभाला
अंत में दीप्ति शर्मा (58*) और ऋचा घोष (34) ने तेज बल्लेबाजी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। दीप्ति ने वनडे करियर का 18वां अर्धशतक पूरा किया और अंत तक टिककर खेलीं। दक्षिण अफ्रीका की ओर से अयाबोंगा खाका सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने तीन विकेट झटके। मलाबा, डी क्लर्क और क्लो ट्रायोन को एक-एक सफलता मिली।
भारतीय टीम
- फोटो : ANI
शीर्ष क्रम के बाद स्थिरता की कमी रही
हालांकि 298 का लक्ष्य मामूली नहीं है, यह महिला विश्व कप फाइनल इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। लेकिन भारतीय टीम की बल्लेबाजी के ग्राफ से यह साफ दिखा कि शीर्ष क्रम के बाद टीम में स्थिरता की कमी रही। अगर मध्यक्रम थोड़ी और जिम्मेदारी दिखाता, तो भारत 320-330 का आंकड़ा पार कर सकता था।
अब सारा दबाव गेंदबाजों पर होगा, जिन्हें इस स्कोर का बचाव करते हुए इतिहास रचने का मौका मिलेगा। दक्षिण अफ्रीका को खिताब जीतने के लिए रिकॉर्ड चेज करना होगा, क्योंकि इससे पहले किसी भी महिला विश्व कप फाइनल में इतना बड़ा रनचेज नहीं हुआ है।