भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को सात विकेट से हराया। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.1 ओवर में 55 रन बनाए। जवाब में भारत ने 8.4 ओवर में तीन विकेट पर 57 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। एशिया कप में भारत की यह लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले टीम ने थाईलैंड और हॉन्गकॉन्ग को भी हराया था। इस तरह ग्रुप चरण में भारत अजेय रहा। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम पहले ही सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुकी थी। पाकिस्तान को अब आगे बढ़ने के लिए हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारतीय महिला टीम
- फोटो : BCCI Women
पाकिस्तान के खिलाफ बरकरार रखा दबदबा
भारतीय टीम ने इस जीत के साथ ही पाकिस्तान पर अपना दबदबा बरकरार रखा है। भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप टी20 में आठ मुकाबले खेले गए हैं जिसमें से भारत ने सात मौकों पर जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान महज एक बार ही सफलता का स्वाद चख पाया है। भारत ने ऐसा ही कुछ दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में किया। पाकिस्तान की टीम इस मैच में किसी भी समय सुखद स्थिति में नहीं रही और हरमनप्रीत कौर की टीम ने एकतरफा अंदाज में ये मुकाबला अपने नाम किया।
भारत की खराब शुरुआत
कम लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और टीम ने जल्द ही तीन विकेट गंवा दिए। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके। फातिमा ने शेफाली (12), प्रतिका रावल (4) और स्मृति मंधाना (9) को अपना शिकार बनाया। इसके बाद हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को जीत दिलाई। हरमनप्रीत 18 गेंदों पर एक चौका और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन और दीप्ति शर्मा 14 गेंदों पर एक चौके की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद लौटीं।
भारतीय महिला टीम
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भारतीय स्पिनरों के जाल में फंसा पाकिस्तान
इससे पहले, अपने 200वें टी20 मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। लेकिन बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी और लेग स्पिनर प्रेमा रावत की घातक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और 55 रन पर ही सिमट गई। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान महिला टीम का अब तक का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले उसका न्यूनतम स्कोर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 56 रन था।
ताश के पत्तों की तरह बिखरी पाकिस्तान की बल्लेबाजी
टीम ने पहले चार ओवर में बिना विकेट खोए 27 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की। मुनीबा अली को दो जीवनदान मिलने के बावजूद वह 13 रन ही बना सकीं जबकि शवाल जुल्फिकार ने 14 रन का योगदान दिया। इसके बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और कोई अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका। टी20 अंतरराष्ट्रीय में बतौर कप्तान अपना 150वां मैच खेल रहीं हरमनप्रीत कौर ने पिच से स्पिनरों को मिल रही मदद को भांपते हुए पांचवें ओवर से ही फिरकी का जाल बिछा दिया। उनका यह दांव पूरी तरह सफल रहा। पाकिस्तान ने पांचवें से 10वें ओवर के बीच महज नौ रन जोड़े और छह विकेट गंवा दिए। 10 ओवर के बाद उसकी टीम 36 रन पर छह विकेट के संकट में थी। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन का परिचय देते हुए 18.1 ओवर में कुल 78 डॉट गेंदें फेंकीं। चरणी ने चार ओवर में सिर्फ सात रन देकर तीन विकेट चटकाए, जबकि प्रेमा ने चार ओवर में नौ रन देकर तीन विकेट लिए। दीप्ति शर्मा ने 3.1 ओवर में पांच रन देकर दो विकेट झटके तो वहीं शेफाली वर्मा को एक सफलता मिली।