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Explainer: लॉर्ड्स टेस्ट में बने छह बड़े रिकॉर्ड, विदेशी जमीं पर क्यों ऐतिहासिक है भारतीय महिला टीम की जीत?

Mon, 13 Jul 2026 06:44 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

लॉर्ड्स में भारत की 270 रन की ऐतिहासिक जीत सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि रिकॉर्ड्स की बारिश भी साबित हुई। क्रांति गौड़, यास्तिका भाटिया और स्मृति मंधाना समेत कई खिलाड़ियों ने ऐसे कीर्तिमान बनाए, जिन्होंने इस टेस्ट को भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज करा दिया। आइए जानते हैं...
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हरमनप्रीत-यास्तिका-स्मृति-क्रांति - फोटो : BCCI Women
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विस्तार
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भारतीय महिला टीम ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह जीत सिर्फ भारत के लिए यादगार नहीं रही, बल्कि इस मुकाबले में कई बड़े रिकॉर्ड भी बने। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़, विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया और स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने अपनी शानदार उपलब्धियों से महिला क्रिकेट को ऊचाइयों पर पहुंचा दिया। आइए जानते हैं लॉर्ड्स टेस्ट में बने उन बड़े रिकॉर्ड्स के बारे में, जिन्होंने भारत की इस ऐतिहासिक जीत को और भी खास बना दिया...
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भारत ने इंग्लैंड को हराया - फोटो : BCCI Women
1. भारत की सबसे बड़ी जीतों में शामिल हुआ लॉर्ड्स टेस्ट
भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हराया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत और ओवरऑल चौथी सबसे बड़ी जीत है। भारत की सबसे बड़ी जीत 2023 में नवी मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ 347 रन की रही थी।

महिला टेस्ट में सबसे बड़ी जीत (रनों के हिसाब से)

जीत का अंतर विजेता टीम विपक्षी टीम जगह, वर्ष
347 रन भारत महिला इंग्लैंड  नवी मुंबई, 2023
309 रन श्रीलंका महिला पाकिस्तान कोलंबो (सीसीसी), 1998
286 रन इंग्लैंड महिला दक्षिण अफ्रीका ब्लोमफोन्टेन, 2024
270 रन भारत महिला इंग्लैंड  लॉर्ड्स, 2026
188 रन न्यूजीलैंड महिला दक्षिण अफ्रीका डरबन, 1972

यह लॉर्ड्स में भारत की चौथी टेस्ट जीत भी है। इससे पहले भारतीय पुरुष टीम ने 1986 (कपिल देव), 2014 (एमएस धोनी) और 2021 (विराट कोहली) की कप्तानी में यहां जीत दर्ज की थी।

यास्तिका-स्मृति - फोटो : @BCCIWomen
2. भारत ने बनाया दूसरा सबसे बड़ा टीम स्कोर
भारत ने इस टेस्ट की दोनों पारियों में मिलाकर 626 रन बनाए (पहली पारी 285 और दूसरी पारी 341/7 घोषित)। यह महिला टेस्ट क्रिकेट में भारत का दूसरा सबसे बड़ा मैच स्कोर है। इससे पहले भारतीय टीम ने 2024 में चेन्नई टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दोनों पारियों में मिलाकर 640 रन बनाए थे। खास बात यह भी रही कि भारत ने दूसरी पारी में 341 रन बनाए, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में दूसरी बार है जब भारतीय टीम दूसरी पारी में 300 से ज्यादा रन बनाने में सफल रही।

भारत के सबसे बड़े टेस्ट स्कोर
कुल रन विपक्षी टीम जगह, वर्ष
640 दक्षिण अफ्रीका महिला चेन्नई, 2024
626 इंग्लैंड महिला लॉर्ड्स, 2026
614 इंग्लैंड महिला मुंबई (डीवाई पाटिल), 2023
602 इंग्लैंड महिला ब्लैकपूल, 1986
575 ऑस्ट्रेलिया महिला मुंबई (ब्रेबॉर्न), 1984
575 इंग्लैंड महिला ब्रिस्टल, 2021

भारत ने दूसरी पारी में 341/7 का स्कोर बनाया, जो महिला टेस्ट में दूसरी बार था जब भारतीय टीम दूसरी पारी में 300 से अधिक रन बनाने में सफल रही।

क्रांति गौड़ - फोटो : BCCI Women
3. क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड में दर्ज कराया नाम
तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 37 रन देकर पांच विकेट लिए। वह महिला टेस्ट में पांच विकेट लेने वाली भारत की सिर्फ पांचवीं तेज गेंदबाज बनीं। पूरे मैच में उन्होंने सात विकेट लेकर 91 रन दिए, जो किसी भारतीय तेज गेंदबाज का तीसरा सर्वश्रेष्ठ मैच प्रदर्शन है।

यास्तिका भाटिया - फोटो : IANS
4. यास्तिका भाटिया ने रचा इतिहास
यास्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में शानदार 113 रन बनाए। वह महिला टेस्ट के तीसरी या चौथी पारी में शतक लगाने वाली पहली भारतीय बल्लेबाज बन गईं। इसके अलावा वह महिला टेस्ट में विकेटकीपर के रूप में शतक लगाने वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी बनीं। उनसे पहले 1995 में अंजू जैन ने इंग्लैंड के खिलाफ शतक लगाया था। यास्तिका लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर भी बन गईं। पुरुष और महिला क्रिकेट मिलाकर लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाले भारत के केवल दूसरे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। उनसे पहले 1996 में सौरव गांगुली ने अपने डेब्यू टेस्ट में 131 रन बनाए थे।

स्मृति मंधाना - फोटो : BCCI Women
5. स्मृति मंधाना ने खेला 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच
यह मुकाबला स्मृति मंधाना के करियर का 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की तीसरी महिला क्रिकेटर बनीं। उनसे पहले सिर्फ मिताली राज और हरमनप्रीत कौर ही 300 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं। दिलचस्प बात यह है कि 30 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली स्मृति दुनिया की सबसे युवा महिला क्रिकेटर भी बन गईं।

मंधाना ने इस टेस्ट में 83 और 70 रन की पारियां खेलीं। वह महिला टेस्ट में दोनों पारियों में अर्धशतक लगाने वाली भारत की चौथी बल्लेबाज बनीं। उनके नाम अब टेस्ट क्रिकेट में सात 50+ स्कोर हो गए हैं, जो संयुक्त रूप से भारत की दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। सभी प्रारूपों को मिलाकर मंधाना के अब 10,737 अंतरराष्ट्रीय रन हो गए हैं। उनसे आगे केवल सूजी बेट्स (10,740) और मिताली राज (10,868) हैं।

सोफी एक्लेस्टोन-एमी जोन्स - फोटो : England Cricket
6. इंग्लैंड के लिए सोफी एक्लेस्टोन और एमी जोन्स ने बनाया रिकॉर्ड
हालांकि इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सोफी एक्लेस्टोन ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर टेस्ट करियर का चौथा फाइव विकेट हॉल पूरा किया। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके विकेटों की संख्या 343 हो गई, जो महिला क्रिकेट में तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।

एक्लेस्टोन चौथी पारी में नंबर-8 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाने वाली महिला टेस्ट इतिहास की दूसरी खिलाड़ी भी बनीं। वहीं विकेटकीपर एमी जोन्स ने दोनों पारियों में 52 और 54 रन बनाए। वह महिला टेस्ट इतिहास की पहली नामित विकेटकीपर बनीं, जिन्होंने एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में 50+ स्कोर बनाया। वह दोनों पारियों में इंग्लैंड की शीर्ष स्कोरर भी रहीं। इस मुकाबले में दोनों टीमों के विकेटकीपरों ने मिलकर 231 रन बनाए, जो महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में विकेटकीपरों द्वारा बनाया गया सर्वाधिक संयुक्त स्कोर है।

भारत ने इंग्लैंड को हराया - फोटो : BCCI Women
लॉर्ड्स में भारत ने रचा इतिहास
भारतीय महिला टीम ने लॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराकर पहला महिला टेस्ट अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स के 142 साल के इतिहास में यह पहला महिला टेस्ट था, जिसे भारत ने शानदार अंदाज में जीतकर यादगार बना दिया। भारत ने चौथे दिन इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समेट दी। मेजबान टीम को 457 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन वह भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी।

जीत से पहले चौथे दिन सुबह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारतीय ड्रेसिंग रूम पहुंचे और कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित पूरी टीम का हौसला बढ़ाया। भारत की जीत में यास्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में 113 रन की शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में जगह बनाई। स्नेह राणा और दीप्ति शर्मा ने भी गेंदबाजी में अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ महिला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की बादशाहत और मजबूत हो गई।

हरमनप्रीत कौर - फोटो : BCCI Women
जीत के बाद गदगद हुईं हरमनप्रीत कौर
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी जीत की पटकथा इससे बेहतर नहीं हो सकती थी। हरमनप्रीत ने स्मृति मंधाना और सलामी बल्लेबाजों की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उनकी शानदार शुरुआत ने टीम का दबाव कम कर दिया। उन्होंने यास्तिका भाटिया की शतकीय पारी को टीम के भरोसे का परिणाम बताया, जबकि क्रांति गौड़ के प्रदर्शन की भी सराहना की। कप्तान ने कहा कि हालिया सीरीज में निराशा मिलने के बावजूद कोच अमोल मजूमदार और सपोर्ट स्टाफ ने टीम को एकजुट रखा, जिसका नतीजा लॉर्ड्स जैसी ऐतिहासिक जीत के रूप में मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में लॉर्ड्स पर और अधिक महिला टेस्ट खेले जाएंगे।

नेट सिवर-ब्रंट - फोटो : Sony Liv (Videograb)
नेट सिवर-ब्रंट ने स्वीकार की हार
इंग्लैंड की कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम मैच के पहले दिन परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में नाकाम रही। उन्होंने कहा कि गेंदबाज सही लाइन-लेंथ हासिल करने में देर कर गए और बल्लेबाजी में भी बड़ी साझेदारियां नहीं बन सकीं, जिससे टीम पूरे मैच में दबाव में रही। हालांकि उन्होंने खिलाड़ियों के जुझारू प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन बेल और अन्य खिलाड़ियों ने संघर्ष किया। सिवर-ब्रंट ने माना कि टी20 विश्व कप के बाद टेस्ट की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन मौजूदा व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर में खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव अगले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज टेस्ट में टीम के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
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क्रांति गौड़ - फोटो : BCCI Women
क्या बोलीं प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं क्रांति गौड़?
प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने कहा कि बचपन में उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन लॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी जाएंगी। उन्होंने बताया कि मैच शुरू होने से पहले ही उनका लक्ष्य लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराना था। क्रांति ने कहा कि उनकी गेंदबाजी का मंत्र सिर्फ सही लाइन और लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करना है और उन्होंने पूरे मैच में कोचों की सलाह का पालन किया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, कोचों, सीनियर खिलाड़ियों और सभी सहयोगियों को दिया। जीत के बाद स्टंप अपने साथ ले जाने पर उन्होंने कहा कि घर पर उन्होंने अपनी उपलब्धियों का एक छोटा-सा संग्रहालय बनाया है और लॉर्ड्स का यह स्टंप उसमें हमेशा खास जगह पर रहेगा।
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