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मलाल: डेब्यू टेस्ट में शतक पूरा न करने पाने से निराश शेफाली, कहा- हमेशा रहेगा पछतावा

Fri, 18 Jun 2021 03:47 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ब्रिस्टल

सार

इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में शतक पूरा न कर पाने से शेफाली वर्मा काफी निराश हैं। उनका कहना है कि इसका उन्हें हमेशा  पछतावा रहेगा। वह अपने डेब्यू टेस्ट में 96 रन बनाकर आउट हुई थीं। 
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शेफाली वर्मा - फोटो : social media
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विस्तार
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भारत और इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम के बीच इन दिनों ब्रिस्टल में टेस्ट मैच खेला जा रहा है। 17 जून को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने टेस्ट मैच के दूसरे दिन अपनी पारी का शानदार आगाज किया। इंग्लैंड की पहली पारी में बनाए गए 396 रनों के जवाब में टीम इंडिया ने पहले विकेट के लिए 167 रन जोड़े। भारत को शानदार शुरुआत दिलाने में शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शेफाली शतक से चूक गईं और वह 96 रन बनाकर आउट हुईं। शतक पूरा न कर पाने से वह काफी निराश दिखीं। 

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मैच के बाद शेफाली ने बात करते हुए कहा कि उन्हें डेब्यू टेस्ट में शतक न पूरा कर पाने का पछतावा हमेशा रहेगा। उन्होंने आगे कहा, इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई इस 96 रनों की पारी से मेरा विश्वास बढ़ा है, अगली बार मेरा इरादा और बेहतर करने का है। टेस्ट मैच के दौरान उन्होंने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। शेफाली डेब्यू टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। मैच में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 152 गेंदों पर 96 रनों की पारी खेली। अपनी इनिंग्स के दौरान शेफाली ने 13 चौके और 2 छक्के लगाए। कैट क्रॉस की एक गेंद पर दमदार स्ट्रोक लगाने प्रयास में वह चुक गईं और उऩका कैच आन्या श्रुबसोले ने लपका। 

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मैच के बाद पत्रकारों के साथ बात करते हुए शेफाली ने कहा, ये स्भावाविक है कि अपने डेब्यू टेस्ट में शतक न पूरा करने पाने से बुरा लगता है। मुझे अपने पहले टेस्ट में शतक न पूरा करने का हमेशा पछतावा रहेगा। लेकिन मैं अगली बार इसे शतक में तब्दील करना चाहूंगी। 

हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली शेफाली ने सपोर्ट करने के लिए सबको ट्विटर पर धन्यवाद देते हुए लिखा, मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने मेरे लिए शुभकामना संदेश भेजे, मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर सबको जवाब देना संभव नहीं है, मुझे भारतीय टीम का हिस्सा होने पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा, मैं जानती हूं मेरे पिता, मेरा परिवार, मेरे सगे सम्बंधी, मेरी टीम और अकेडमी मुझसे ज्यादा उन चार रनों को मिस कर रहे होंगे। लेकिन मैं अगले मौके पर उन्हें जरूर बनाऊंगी। 
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