मैच के बाद पत्रकारों के साथ बात करते हुए शेफाली ने कहा, ये स्भावाविक है कि अपने डेब्यू टेस्ट में शतक न पूरा करने पाने से बुरा लगता है। मुझे अपने पहले टेस्ट में शतक न पूरा करने का हमेशा पछतावा रहेगा। लेकिन मैं अगली बार इसे शतक में तब्दील करना चाहूंगी।
हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली शेफाली ने सपोर्ट करने के लिए सबको ट्विटर पर धन्यवाद देते हुए लिखा, मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने मेरे लिए शुभकामना संदेश भेजे, मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर सबको जवाब देना संभव नहीं है, मुझे भारतीय टीम का हिस्सा होने पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा, मैं जानती हूं मेरे पिता, मेरा परिवार, मेरे सगे सम्बंधी, मेरी टीम और अकेडमी मुझसे ज्यादा उन चार रनों को मिस कर रहे होंगे। लेकिन मैं अगले मौके पर उन्हें जरूर बनाऊंगी।