क्या है पूरा मामला?
भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 139 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। यास्तिका भाटिया पांच और शेफाली वर्मा चार रन बनाकर आउट हुए। स्मृति मंधाना ने 59 रन से बनाए थे। मंधाना के आउट होने के बाद हरलीन देओल का साथ देने के लिए कप्तान हरमनप्रीत कौर क्रीज पर आईं, लेकिन वह ज्यादा देर तक बल्लेबाजी नहीं कर सकीं। हरमनप्रीत 14 रन बनाकर नाहिदा अख्तर की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गईं
34वें ओवर में नाहिदा की चौथी गेंद पर हरमनप्रीत ने स्वीप लगाने का प्रयास किया। वह शॉट मिस कर गईं। गेंदबाज और साथी खिलाड़ियों ने आउट की अपील की तो अंपायर ने हरमनप्रीत के खिलाफ फैसला दिया। आउट दिए जाने के बाद वह नाराज हो गईं। उन्होंने गुस्से में स्टंप पर बल्ला मार दिया और पवेलियन जाते-जाते अंपायर को इशारों में बताया कि गेंद पहले बल्ले से लगी थी। इसके अलावा हरमनप्रीत ने दर्शकों को अंगूठा भी दिखाया।
हरमनप्रीत ने क्या कहा?
हरमनप्रीत ने मैच टाई होने के बाद उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि मैच में हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। जिस तरह की अंपायरिंग हो रही थी, उससे हम बहुत हैरान थे। अगली बार जब हम बांग्लादेश आएंगे तो सुनिश्चित करेंगे कि हमें इस प्रकार की अंपायरिंग से निपटना होगा और उसके अनुसार खुद को तैयार करना होगा। बीच में हमने कुछ रन लुटाए लेकिन जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे और हमने खेल पर बहुत अच्छी तरह से नियंत्रण रखा था, लेकिन जैसा कि मैंने पहले बताया था कि कुछ खराब अंपायरिंग की गई थी। हम अंपायरों द्वारा दिए गए कुछ निर्णयों से वास्तव में निराश हैं।''
इस मैच को देखने के लिए भारतीय हाई कमीशन से अधिकारी भी पहुंचे थे। मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान किसी भी अधिकारी को नहीं बुलाया गया। इस पर भी हरमनप्रीत ने अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने इंटरव्यू में कहा, ''अंत में भारत के हमारे हाई कमीशन भी यहां है। मुझे लगता है कि आपको यहां उन्हें आमंत्रित करना चाहिए थे, लेकिन यह भी ठीक है।'' हरमनप्रीत ने अधिकारियों को स्टेडियम में आने के लिए धन्यवाद कहा।