स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का टी-20 का खराब फॉर्म वनडे में भी जारी है। वह दो वनडे में सिर्फ 47 रन बना सकी। वहीं सलामी बल्लेबाज प्रिया पूनिया वापसी में नाकाम रहीं, जबकि वनडे में उन्हें शेफाली वर्मा की जगह शामिल किया गया था ।
बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को तीसरे और आखिरी महिला वनडे क्रिकेट मैच में सीरीज जीतने के इरादे से उतरने वाली भारतीय टीम के शीर्षक्रम के बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। खराब शुरुआत के बाद भारत ने बुधवार को दूसरा मैच 108 रन से जीतकर वापसी की। बांग्लादेश के हाथों उसे पहले मैच में पहली बार हार का सामना करना पड़ा था।
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तीसरे मैच में भारत की नजरें न सिर्फ जीत पर होंगी बल्कि अपनी गलतियों को सुधारने और पिच के बारे में और जानने पर भी रहेंगी चूंकि अगले साल बांग्लादेश में ही विश्वकप होना है। पहले मैच में भारतीय टीम 113 रन पर ढेर हो गई थी। दूसरे वनडे में हालांकि कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स ने अर्धशतक जमाए।शीर्षक्रम का फॉर्म हालांकि अभी भी भारत की चिंता का सबब है।
दो मैचों में 47 रन ही बना पाई हैं मंधाना
स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का टी-20 का खराब फॉर्म वनडे में भी जारी है। वह दो वनडे में सिर्फ 47 रन बना सकी। वहीं सलामी बल्लेबाज प्रिया पूनिया वापसी में नाकाम रहीं, जबकि वनडे में उन्हें शेफाली वर्मा की जगह शामिल किया गया था । उन्होंने दो मैचों में 10 और सात रन बनाए। विकेटकीपर यास्तिका भाटिया से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। जेमिमा ने हालांकि करियर की सर्वश्रेष्ठ 86 रन की पारी खेलकर फॉर्म में वापसी की। कप्तान हरमनप्रीत ने अच्छी पारी खेली, लेकिन उनके हाथ में चोट लग गई। देखना है कि वह इस मैच के लिए पूरी तरह फिट हैं या नहीं। रन दौड़ते हुए उनकी बाईं कलाई में गेंद लगी और कुछ देर के लिए उन्हें मैदान से जाना पड़ा। वह बल्लेबाजी के लिए लौटीं, लेकिन आठ गेंद और ही खेल सकी। बांग्लादेश की पारी में उन्होंने फील्डिंग नहीं की।
भारतीय स्पिनर रही हैं प्रभावी
भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। लेग स्पिनर देविका वैद्य और अनियमित स्पिनर जेमिमा ने मिलकर सात विकेट लिए। बांग्लादेश ने 14 रन के भीतर सात विकेट गंवा दिए थे और अब उसे बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। बांग्लादेश को अपने बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। मेजबान टीम ने 14 रन के अंदर सात विकेट गंवा दिए थे। फरजाना हक अभी तक बांग्लादेश की श्रेष्ठ बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने दो मैचों में 74 रन बनाए हैं।
कभी-कभी कोच न होना फायदेमंद भी : मंधाना
पिछले छह महीनों से मुख्य कोच के बिना खेल रही भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने इसके अच्छे पहलू को देखने पर तरजीह देते हुए कहा कि कोचिंग स्टाफ में अलग-अलग सदस्यों से गुर सीखना फायदेमंद होगा। पिछले साल दिसंबर में रमेश पोवार को हटाए जाने के बाद से महिला क्रिकेट टीम बिना मुख्य कोच के खेल रही है। टीम ने कोचिंग स्टाफ के प्रमुख के बिना ही फरवरी में टी-20 विश्व कप में हिस्सा लिया था।
मंधाना ने कहा- बीसीसीआई कोच ढूंढ रहा है और हमारे पास जल्द ही मुख्य कोच होगा। लेकिन यह खिलाड़ियों के लिए इतनी बड़ी चीज नहीं है। हम सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलना चाहते हैं। कोचिंग स्टाफ में सभी वास्तव में काफी मदद करते हैं। मंधाना ने कहा, कभी-कभार यह फायदेमंद होता है, नया कोचिंग स्टाफ नए ‘टिप्स’ और नई योजना के साथ आएगा। अगर मैं इसे सकारात्मक तौर पर लूंगी तो यह अच्छी चीज है।