ऑस्ट्रेलिया ने भारत की खराब फील्डिंग का फायदा उठाते हुए रविवार को फीबी लीचफील्ड (88 रन) ,बेथ मूनी (नाबाद 77 रन) और अनाबेल सदरलैंड (नाबाद 54 रन) के अर्धशतकों से पहले वनडे मैच में आठ विकेट से जीत दर्ज कर तीन मैच की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल की।
भारतीय खिलाड़ियों की खराब फील्डिंग
भारतीय खिलाड़ियों ने चार कैच छोड़े जिसमें लीचफील्ड का कैच दो बार छूटा जबकि मूनी और एलिस पैरी (30 रन, रिटायर्ड हर्ट) को एक एक बार जीवनदान मिला। आगामी वनडे विश्व कप की तैयारियों के आयोजित इस तीन मैच की श्रृंखला के पहले मुकाबले में भारतीय महिला टीम टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद प्रतिका रावल (64 रन), स्मृति मंधाना (58 रन) और हरलीन देओल (54 रन) के अर्धशतकों की मदद से सात विकेट पर 281 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। पर ऑस्ट्रेलिया ने मूनी और सदरलैंड के बीच तीसरे विकेट के लिए नाबाद 116 रन की साझेदारी की बदौलत 5.5 ओवर रहते दो विकेट पर 282 रन बनाकर जीत हासिल की।
मूनी जब 56 रन पर थीं, तब दीप्ति शर्मा ने उनका कैच छोड़ा था। उन्होंने 74 गेंद का सामना करते हुए अपनी नाबाद 77 रन की पारी में नौ चौके लगाए जबकि सदरलैंड ने 51 गेंद की नाबाद पारी में छह चौके जड़े। भारत ने बल्लेबाजों की बदौलत अच्छा प्रदर्शन किया था और फिर अपनी स्पिन गेंदबाजी का पूरा इस्तेमाल किया लेकिन फील्डर मौकों का फायदा उठाने में नाकाम रहे। लीचफील्ड ने 80 गेंद की पारी में 14 चौके लगाए, उन्हें दूसरे ही ओवर में जेमिमा रोड्रिग्स ने स्नेह राणा की गेंद पर जीवनदान दिया और तब उनका खाता भी नहीं खुला था।
फिर 19वें ओवर में उन्हें 56 रन पर जीवनदान मिला जब भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कवर पर राधा यादव की गेंद पर आसान कैच छोड़ दिया। प्रतिका रावल ने 17वें ओवर में डीप मिडविकेट पर पैरी का ऊंचा कैच छोड़ा।
रावल-मंधाना के बीच 114 रन की साझेदारी
भारतीय गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन खराब फील्डर का टीम को खामियाजा भुगतना पड़ा। इससे पहले भारत के शीर्ष क्रम बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया जबकि मध्यक्रम के बल्लेबाजों प्रदर्शन फीका रहा। रावल और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 114 रन की भागीदारी निभाई जो अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की तीसरी बड़ी साझेदारी है। ऑस्ट्रेलिया ने वनडे विश्व कप के लिए भारतीय परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए आठ गेंदबाजों का इस्तेमाल किया । भारत और श्रीलंका में होने वाले विश्व कप के शुरू होने में अब बस दो हफ्ते बचे हैं।
भारत ने 22वें ओवर में मंधाना का विकेट गंवा दिया जिससे मेहमान टीम ने दबाव और बढ़ा दिया। भारतीय उप कप्तान एक्स्ट्रा कवर पर गेंद मारने के बाद एक रन चुराने की कोशिश में रन आउट हो गईं क्योंकि दूसरी छोर पर खड़ी रावल ने रन लेने से मना कर दिया और मंधाना समय पर वापसी नहीं कर पाईं। अगर मंधाना रन आउट नहीं होती तो बड़ी पारी खेल सकती थीं। उन्होंने अपनी अर्धशतकीय पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। इससे पहले रावल ने 52 गेंद में छह चौके से अपना छठा अर्धशतक पूरा किया, हालांकि वह भी बड़ा स्कोर नहीं बना सकीं। रावल 31वें ओवर में अलाना किंग की गेंद पर स्लॉग करने की कोशिश में आउट हो गईं लेकिन मिडविकेट पर एलिसे पैरी को कैच दे बैठीं।
भारत ने अच्छी शुरुआत के बाद 18वें ओवर तक 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया था लेकिन 35वें ओवर के बाद स्कोर तीन विकेट पर 168 रन था जिसमें एक चौका और तीन छक्के लगे थे। देओल ने भी तेजी से रन जुटाने के इरादे से बल्लेबाजी की और 57 गेंद की पारी के दौरान चार चौके और दो छक्के लगाए। भारत को बीच के ओवरों में रन गति बढ़ाने और नियमित बाउंड्री लगाने में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन अंत में अहम भागीदारियों से टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया।