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IND vs WI: पिछले छह महीने से कोई वनडे नहीं खेल पाए हैं चहल, कुलदीप समेत ये खिलाड़ी हैं जिम्मेदार, खुद बताई वजह

Sun, 06 Aug 2023 11:10 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गुयाना

सार

अक्तूबर-नवंबर में घरेलू मैदान पर होने वाले विश्व कप से पहले सभी खिलाड़ियों का ध्यान वनडे मैचों पर है, लेकिन चहल को जनवरी के बाद से कोई मैच नहीं मिल पाया है। हालांकि, चहल स्क्वॉड का हिस्सा बनकर भी खुश है।
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खेल जगत की रोचक खबर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत को इस साल अपने घर में वनडे वर्ल्ड कप खेलना है। इसके लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट काफी प्रयोग कर रहा है और हर तरह के प्लेइंग कॉम्बिनेशन के साथ मैदान पर उतर रहा है। हालांकि, पिछले कुछ महीने में एक खिलाड़ी है जो स्क्वॉड में रहने के बावजूद भारतीय वनडे प्लेइंग-11 में जगह बना पाने में कामयाब नहीं हो पाया है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि युजवेंद्र चहल है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 से पहले चहल ने बताया है कि क्यों उन्हें वनडे में मौका नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इसके लिए कुछ खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराया है। चहल ने वनडे नहीं खेल पाने की वजह खुद ही बताई है। इस लेग स्पिनर ने पिछला वनडे 24 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।
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आईपीएल के बाद पहली बार खेल रहे चहल

चहल ने यह भी बताया कि क्यों कुलदीप यादव को उन पर तरजीह दी जा रही है। हालांकि, उन्होंने एशिया कप और वर्ल्ड कप की टीम में जगह बनाने को लेकर उम्मीद नहीं हारी है। चहल को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। आईपीएल के बाद अपना पहला मैच चहल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में खेला। उन्होंने शुरुआती ओवर में दो विकेट लेकर टीम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, लेकिन भारत चार रन से मैच हार गया।

टीम कॉम्बिनेशन को लेकर क्या बोले चहल?

युजवेंद्र चहल - फोटो : सोशल मीडिया
चहल ने दूसरे टी20 से पहले कहा, "टीम कॉम्बिनेशन हमारी प्राथमिकता है और यह कोई नई बात नहीं है। सातवें नंबर पर हम आम तौर पर रवींद्र जडेजा या अक्षर पटेल को खिलाते हैं। तीन स्पिनर तभी खेल सकते हैं, जब विकेट स्पिन के अनुकूल हों। कुलदीप वास्तव में अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। वह शानदार फॉर्म में हैं और यही कारण है कि टीम उनका समर्थन कर रही है। मैं नेट्स पर काम करता रहता हूं ताकि जब भी मुझे मौका मिले मैं उसका फायदा उठा सकूं।

स्क्वॉड का हिस्सा बनकर खुश हैं चहल

अक्तूबर-नवंबर में घरेलू मैदान पर होने वाले विश्व कप से पहले सभी खिलाड़ियों का ध्यान वनडे मैचों पर है, लेकिन चहल को जनवरी के बाद से कोई मैच नहीं मिल पाया है। हालांकि, यह 33 वर्षीय लेग स्पिनर स्क्वॉड का हिस्सा बनकर भी खुश है। उन्होंने कहा- हम प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं। मैं दो महीने बाद खेल रहा था (पहला टी20)। आखिरी बार मैंने आईपीएल में खेला था। यह सब तैयारी को लेकर है। यह कोई व्यक्तिगत खेल नहीं है, आप यहां अपनी टीम के लिए खेल रहे हैं। कई बार खिलाड़ियों को ऐसा करना पड़ता है। दो सीरीज के लिए टीम से बाहर बैठना पड़े तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह टीम का हिस्सा नहीं हैं।

क्रिकेट को एंजॉय कर रहे हैं चहल

कुलदीप, चहल और सुंदर - फोटो : सोशल मीडिया
चहल ने कहा कि छूटे हुए मौकों के बारे में सोचने के बजाय, वह इंडिया की जर्सी पहनकर ही खुद को भाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने कहा- मैं बहुत खुश हूं कि मुझे हर रोज ब्लू जर्सी पहनने को मिल रही है। मैं घर पर नहीं बैठा हूं। मैं टीम के साथ यात्रा कर रहा हूं। मैं टीम का हिस्सा हूं। मैंने शतरंज खेला है। वह एक व्यक्तिगत खेल है, लेकिन क्रिकेट एक टीम स्पोर्ट्स है। टीम में पंद्रह लोगों में से केवल ग्यारह ही खेल सकते हैं।

पूरन के साथ प्रतिद्वंद्विता पसंद

निकोलस पूरन पिछले कुछ समय से खतरनाक फॉर्म में हैं और उन्हें स्पिनरों की धुनाई करना पसंद है। चहल वेस्टइंडीज के इस बैटर के खिलाफ अपनी लड़ाई का आनंद लेते हैं। उन्होंने कहा- मुझे निकोलस पूरन के खिलाफ अपनी लड़ाई पसंद है। मैंने उन्हें कुछ बार आउट किया है और कुछ अन्य मौकों पर उन्होंने मेरी गेंद पर छक्के लगाए हैं। मैं उन्हें मुफ्त में रन नहीं देने की कोशिश करता हूं, क्योंकि मुझे पता है कि वह मुझे छक्का मारेगा।
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अलग-अलग कप्तानों के अंदर खेलने का अनुभव

विराट कोहली, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : BCCI
2016 में महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में डेब्यू के बाद से कई कप्तानों के अंदर खेल चुके चहल को लगता है कि जो कोई भी टीम का नेतृत्व कर रहा है, उसके साथ उनका समीकरण ज्यादा नहीं बदलता है। उन्होंने कहा, 'यह एक परिवार की तरह है जहां आपके चार भाई हैं। माही भाई सबसे बड़े थे, फिर विराट भैया आए, फिर रोहित भैया और अब हार्दिक। समीकरण वही हैं। मैदान पर हम सभी जीतना चाहते हैं। सीनियर प्लेयर्स ने हमें दिया एक गेंदबाज के रूप में आजादी दी और हार्दिक भी गेंदबाजों को पूरी छूट देते हैं।
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